DGP-IG कांफ्रेंस…6 सेशन में 36 डीजीपी देंगे प्रेजेंटेशन:जानकारी देने के लिए मिलेगा 1 घंटे का समय, पीएम-गृहमंत्री  की सहमति से होगा मॉडल राज्य का चयन

नवा रायपुर स्थित IIM कैंपस में आज, 28 नवंबर से 30 नवंबर तक DGP-IG कॉन्फ्रेंस शुरू हो रही है। कार्यक्रम के उद्घाटन में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत 500 अधिकारी शामिल होगे। DGP-IG कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार की रात को पहुचेंगे। कॉन्फ्रेंस में पहले और दूसरे दिन देश भर के डीजीपी प्रेजेंटेशन देंगे। इस प्रेजेंटेशन में वो अपने–अपने राज्यों के अपराध ग्राफ, अपराध पैटर्न, उसको रोकने का पैटर्न बताएंगे। हर राज्यों को अपना प्रेजेंटेशन देने के लिए 1 घंटे का समय मिलेगा। प्रेजेंटेशन के बाद देश के अलग–अलग राज्यों में होने वाली कॉमन समस्याओं (अपराध पैटर्न) की लिस्ट तैयार होगी। इस लिस्ट पर प्रभावित राज्यों के डीजीपी संयुक्त चर्चा करके उसको खत्म करने की योजना बनाएंगे। इस योजना पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस चीफ समेत अन्य अधिकारी अपना तर्क रखेंगे। इन तर्क के आधार पर मॉडल नीति बनेगी। मॉडल नीति निर्धारित करके मॉडल राज्य का चयन किया जाएगा और उसे लागू किया जाएगा। 2 हजार जवानों के साथ स्पेशल टीम तैनात डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस के मद्देनजर 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और स्पेशल यूनिट्स को लगाया गया है। इनमें 38 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो आईपीएस और एसपीएस श्रेणी के हैं और विभिन्न सेक्टरों में तैनाती, मार्ग नियंत्रण तथा वीवीआईपी मूवमेंट की निगरानी की कमान संभाल रहे हैं। ड्रोन से निगरानी कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा की दृष्टि से तीन लेयरों में निगरानी की जा रही है। जमीनी तैनाती, आकाशीय निगरानी और रियल–टाइम रूट ऑब्जर्वेशन को एकीकृत करके ऑफिसर मॉनिटरिंग कर रहे है। कॉन्फ्रेंस स्थल और आस पास के इलाकों में हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। त्तीसगढ़ पुलिस के प्रेजेंटेशन में इन बिंदुओं पर छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में टीम 16 से ज्यादा बिंदुओं को चिह्नांकन किया है। इसमें ड्रग्स, साइबर ठगी, नक्सलवाद, धर्मांतरण मुख्य रूप से शामिल है। इसमें अपराध ग्राफ के साथ कार्रवाई का विवरण भी रहेगा। छत्तीसगढ़ के इन मुद्दों पर ओडिशा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल के अधिकारी भी अपना व्यू रखेंगे।

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