सीएम हेमंत सोरेन की शिकायत पर रांची के गोंदा थाने में ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसकी सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में चल रही है। इस केस की जांच सीबीआई या अन्य स्वतंत्र एजेंसी ने कराने का आग्रह ईडी ने हाईकोर्ट से की है। आज इसी मामले में सुनवाई हुई। पूर्व की सुनवाई में अदालत ने सीएम हेमंत सोरेन से जवाब मांगा था। जिस पर उन्होंने जवाब सौंप दिया। आज सुनवाई करते हुए अदालत ने ईडी के वरिष्ठ अधिकारी देवव्रत झा को अपना प्रतिउत्तर देने को कहा है। अदालत ने इसके लिए ईडी को तीन हफ्ते का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद की जाएगी। आज की सुनवाई में ईडी की ओर से अधिवक्ता एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। पूछताछ ने हाईकोर्ट ने लगाई रोक ईडी अधिकारियों पर दर्ज केस को ईडी के अधिकारियों कपिल राज एवं अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस चुनौती पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि अगले आदेश तक पुलिस ईडी अधिकारियों को 41 ए का नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती है। कोर्ट ने ईडी अधिकारी को खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक अगले आदेश तक जारी रखा था। बता दें कि रांची पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद ईडी के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके लिए गोंदा पुलिस द्वारा 41 ए का नोटिस भी जारी किया गया था। फिर ईडी की ओर से अदालत को बताया कि पुलिस ईडी के अधिकारियों को प्रताड़ित कर रही थी। ईडी के इन अधिकारियों के नाम है एफआईआर दिल्ली आवास जांच के बाद हुआ है एफआईआर यह एफआईआर झारखंड पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत रांची के एससी/एसटी पुलिस थाना में दर्ज कराई है। एफआईआर हेमंत सोरेन सोरेन की दिल्ली आवास पर ईडी द्वारा की गई तलाशी के संबंध में एक शिकायत को लेकर की गई है। एफआईआर में ईडी के सीनियर अधिकारियों पर दिल्ली में हेमंत सोरेन के आवास पर की गई तलाशी का आरोप लगाया गया है। इसमें हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि उनके दिल्ली आवास पर ईडी का तलाशी अभियान उन्हें और उनके समुदाय को परेशान करने और बदनाम करने के इरादे से चलाया गया। ईडी के अधिकारियों ने मीडिया को इसकी जानकारी लीक की, जिससे जनता की नजर में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हो जाए।


