ED ने शनिवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक बिजनेस जेट जब्त की। सूत्रों के मुताबिक ED हैदराबाद के फाल्कन ग्रुप और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। मामला हैदराबाद पुलिस की फाल्कन ग्रुप (कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड), इसके CMD अमरदीप कुमार और कुछ अन्य के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ा है। प्रमोटरों पर निवेशकों से 850 करोड़ रुपए की ठगी करने का आरोप है। आरोप है कि फाल्कन ग्रुप ने धोखाधड़ी वाले इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश योजना के जरिए निवेशकों से 1700 करोड़ रुपए इकट्ठा किए। कुल फंड में से 850 करोड़ रुपए वापस कर दिए गए। 6,979 निवेशकों को भुगतान नहीं किया गया। 7 मार्च को एयरपोर्ट पर आया जेट
सूत्रों ने बताया कि फाल्कन ग्रुप के CMD अमर दीप कुमार इसी जेट का इस्तेमाल कर देश से भाग गया है। ED के हैदराबाद ऑफिस ने पाया कि कुमार की एक कंपनी के स्वामित्व वाला 8-सीटर बिजनेस जेट (N935H हॉकर 800A) राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 7 मार्च को उतरा। ED ने चालक दल से पूछताछ की
ED के अधिकारियों ने 2024 में करीब 14 करोड़ रुपए में खरीदे गए जेट की तलाशी ली। अफसरों ने वहां मौजूद चालक दल और कुमार के करीबी सहयोगियों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद प्रेस्टीज जेट्स इंक नामक कुमार की निजी चार्टर कंपनी के स्वामित्व वाले बिजनेस प्लेन को तलाशी के बाद जब्त कर लिया गया। 22 जनवरी को अमर दीप कुमार फरार हुआ
जांच एजेंसी का मानना है कि जेट को कथित पोंजी योजना के पैसे से खरीदा गया था। ED ने सीमा शुल्क विभाग से जेट की आवाजाही के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसके बाद पता चला कि कुमार एक अन्य व्यक्ति के साथ 22 जनवरी को उक्त विमान में सवार होकर देश से बाहर चला गया है। हालांकि कंपनी के उपाध्यक्ष और निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया है।


