बैतूल के कोठी बाजार में कलेक्ट्रेट के पास 90 साल पहले क्रिश्चियन संस्था ईएलसी को दी गई जमीन की लीज निरस्त कर दी गई है। एडीएम कोर्ट में चले प्रकरण के बाद यह आदेश किए गए हैं। यह जमीन लगभग 110 करोड़ रुपए की है, जिस पर अब तक स्कूल चलता रहा है। बैतूल एडीएम राजीव नंदन श्रीवास्तव ने बताया कि ईएलसी स्कूल संचालन क्षेत्र की लगभग 2 लाख 23 हजार 515 वर्ग फुट की भूमि को शर्त उल्लंघन की दशा में लीज निरस्त करते हुए शासन के नाम दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। इस बेशकीमती भूमि का बाजार मूल्य लगभग 110 करोड़ है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बैतूल नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर अपर कलेक्टर कोर्ट ने भूमि की लीज निरस्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार के नाम दर्ज हो गई जमीन अपर कलेक्टर राजीव नंदन श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत भूमि की लीज निरस्त करते हुए उसे शासकीय भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। आगामी समय में इस भूमि पर कई बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए जाएंगे। भूमि संबंधी लीज शर्तों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है। 22 दुकानें बनाने से शुरू हुआ विवाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, ने भी इस मामले में 5 सितंबर 2024 को 11 लोगों के खिलाफ धारा 420, 406, 120बी भारतीय दण्ड 13 (1) ए सहपठित धारा 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम, 2018 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में बैतूल के असीम जोसेफ निवासी ने 23 सितंबर 2022 को शिकायत की थी, जिसमें आरोप था कि दि इवेंजलिकल लूथरन चर्च इन म.प्र. नामक संस्था जो मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1973 के अन्तर्गत पंजीकृत है, को म०प्र० शासन द्वारा बैतूल शहर में नजूल सीट क्रमांक 12 प्लाट नंबर 7/1 क्षेत्रफल 20772 वर्गमीटर भूमि संस्था के उद्देश्य अनुरूप आवास व शैक्षणिक कार्य के लिए प्रदान की गई थी, जिस पर स्कूल, चर्च व आवास निर्मित है। इस भूमि पर संस्था के उद्देश्यों के विरूद्ध मुकेश मोजेस, सुरेन्द्र कुमार सुझा, जार्ज थामस विश्वास, अशोक चौकसे, अनिल मार्टिन, नितिन सहाय व अन्य द्वारा भूमाफियों से मिलकर भव्य शापिंग काम्पलेक्स का निर्माण करवाया जा रहा है। उक्त भूखण्ड पर दुकानें बनाकर विक्रय पत्र व अनुबध पत्र के माध्यम से बेचा जा रहा है। इस शिकायत में स्थित नजूल शीट क्रमांक 2 प्लांट नंबर 66 रकबा 4275 वर्गफीट पर दुकान निर्मित कर उन्हें 25-25 लाख रुपए में बेचने का भी आरोप था। बताया जा रहा है कि ईएलसी की जमीन पर बनाई गई 22 दुकानों का ही यह मामला इस लीज निरस्त करने की वजह बना।
प्रशासन ने ही लिया था संज्ञान प्रकरण का खास पहलू यह है कि नजूल अधिकारी ने ही संज्ञान लेकर यह प्रकरण एडीएम कोर्ट में दर्ज करवाया था। ईएलसी को दिया गया यह पट्टा 224680 वर्ग फुट के लिए साल 1995 तक रिन्यू किया गया था।जिसे बाद में बढ़ाकर 2025 तक कर दिया गया था। हालांकि जानकार बताते हैं कि बैतूल में साल 1914 में चर्च बन गया था, जिसके करीब 15 साल बाद 1930 के करीब यहां स्कूल शुरू कर दिया गया था।


