सागर के रहली में जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल के भाई पर मारपीट की एफआईआर दर्ज होने के बाद हंगामा हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रहली थाने पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एफआईआर झूठी दर्ज की गई है। शनिवार देर रात एसडीओपी थाने पहुंचे और शिकायती आवेदन लेकर निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। जानकारी के अनुसार, फरियादी लखन अहिरवार ने रहली थाने पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल के भाई सूर्या पटेल के खिलाफ रहली थाने पहुंचकर मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला सामने आते ही कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध शुरू किया। वे रहली थाने पहुंच गए। थाने में कांग्रेस नेत्री व जिपं सदस्य ज्योति पटेल और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय पटेरिया ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा है कि रहली थाने में सूर्या पटेल पर झूठी और दबाव में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कांग्रेस नेत्री का आरोप है कि उनके भाई को साजिश के तहत फंसाया गया है और पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच के मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताया है।
मामले की जांच कराई जा रही
वहीं फरियादी लखन अहिरवार ने कहा कि उस पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं था। उसके साथ मारपीट हुई थी, इसी कारण उसने थाने में जाकर देर रात सूर्या पटेल और उसके कुछ लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि मामले में हम लोगों की सुलह हो गई है। मैं एफआईआर वापस लेना चाहता हूं। कांग्रेस के विरोध की सूचना पर रहली एसडीओपी प्रकाश मिश्रा थाने पहुंचे और कांग्रेसियों से मुलाकात की। आवेदन लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया। एसडीओपी मिश्रा ने बताया कि एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई थी। शिकायत पर रहली थाने में मारपीट करने वाले व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज की गई। जिसके बाद कुछ लोगों की एफआईआर को लेकर शिकायत थी। उन्होंने शिकायती आवेदन दिया है। आवेदन की जांच कराई जा रही है।


