FRK संकट पर शेलर एसोसिएशन का फूटा गुस्सा:जगराओं में प्रधान बोले- इंडस्ट्री डूब रही, सरकार सो रही; डायरेक्टर-सचिव से मुलाकात करेंगे

पंजाब में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की भारी किल्लत के कारण राइस मिलिंग उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। रविवार को जगराओं पहुंचे शेलर एसोसिएशन पंजाब के प्रधान तरसेम सैनी ने पंजाब सरकार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) और FRK यूनिट संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए। तरसेम सैनी ने बताया कि पंजाब सरकार ने शेलर मालिकों से मदद मांगकर गीली धान मिलों में लगवाई थी, लेकिन केंद्र सरकार की टीमों के दौरे के दौरान मिलर्स को कोई राहत नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि FRK यूनिट संचालक 20 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक की अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे पूरा उद्योग प्रभावित हो रहा है। सैनी के अनुसार, जगराओं में अब तक केवल 1 प्रतिशत मिलिंग हो पाई है, जबकि पूरे पंजाब में मिलिंग की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 5 लाख टन चावल की मिलिंग हुई है। इसमें से 60 प्रतिशत चावल 10 प्रतिशत फोर्टिफिकेशन वाला है, जबकि शेष 40 प्रतिशत चावल में FRK डालना अनिवार्य है, जो कि उपलब्ध नहीं है। मिलर्स पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा FRK न मिलने के कारण डंपिंग और ब्लेंडिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। इससे मिलर्स पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की समय पर डिलीवरी पर संकट खड़ा हो गया है। सैनी ने कहा कि पहले जहां मजदूर तीन महीने में काम पूरा कर लेते थे, अब वही काम एक साल में करना पड़ रहा है, जिसका अतिरिक्त बोझ शेलर मालिकों पर पड़ रहा है। उन्होंने FCI पर भी आरोप लगाया कि ऑटोमैटिक ग्रेन एनालाइजर मशीनें जानबूझकर नहीं चलाई जा रही हैं, जबकि डिजिटल इंडिया के तहत इन पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। सैनी के मुताबिक, कुछ कर्मचारी रिश्वत लेने के लिए मैन्युअल सिस्टम को बढ़ावा दे रहे हैं। तरसेम सैनी ने चेतावनी दी कि यदि FRK की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो शेलर मालिक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। डायरेक्टर और सचिव से मुलाकात करेंगे उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही डायरेक्टर और सचिव से मुलाकात करेंगे और जिला प्रधानों के माध्यम से FRK से जुड़ी रिश्वत के सभी सबूत सरकार को सौंपे जाएंगे। शेलर एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि आंध्र प्रदेश मॉडल अपनाते हुए सरकार स्वयं अप्रूव्ड मैन्युफैक्चरर्स से FRK खरीदकर मिलर्स को उपलब्ध कराए, ताकि फोर्टिफिकेशन योजना को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

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