गांजा तस्कर जीआरपी के चार आरक्षकों की करोड़ों रुपए की संपत्ति को मुंबई की सफेमा कोर्ट ने जब्त करने का आदेश दिया है। आरोपी आरक्षक जेल में बंद है। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी आरक्षक गांजा तस्करी के पैसों को अपने साले के बैंक अकाउंट में जमा कराता था। जिससे उसने मकान और लक्जरी गाड़ियां खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त किया है। एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ना सिर्फ उन्हें आपराधिक मामले में जेल भेजा जा रहा है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से कमाई संपत्ति को भी जब्त की जा रही है। इस कड़ी में नशे के कारोबार से जुड़े जीआरपी के चार आरक्षकों लक्ष्मण गाइन, मन्नू प्रजापति, संतोष राठौर एवं सौरभ नागवंशी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि चारों ड्यूटी के दौरान लावारिस गांजा को जब्त करने के बजाए अपने साथियों को देते थे। इसके बाद अपने नेटवर्क से गांजा की सप्लाई अन्य लोगों को कर दी जाती थी। साले के बैंक अकाउंट में जमा कराए पैसे और खरीदे मकान व गाड़ियां
एसपी सिंह ने बताया कि इस अवैध कारोबार से लक्ष्मण गाइन, मन्नू प्रजापति और संतोष राठौर ने करोड़ों की संपत्ति बना ली। आरक्षक लक्ष्मण गाइन अवैध रूप से कमाए रुपयों को अपने साले के अकाउंट में जमा कराता था। उसने करोड़ों की संपत्ति अपने साले के नाम पर ही ली है। पूरे मामले की जांच के बाद पुलिस ने अवैध रूप से कमाए रुपयों से खरीदी संपत्ति का विवरण सफेमा कोर्ट में पेश कर इसे जब्त करने अनुमति मांगी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आरक्षकों की संपत्ति को जब्त करने आदेश दिया है। जब्त की गई संपत्ति आरक्षकों के जब्त वाहन


