अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के कथित विवादित बयान का वीडियो सामने आने के बाद मध्यप्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। यह बयान 23 नवंबर को आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन का बताया जा रहा है। कथित वीडियो में संतोष वर्मा पर एक समाज विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज सहित कई सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठनों का आरोप है कि यह बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाला है। इस मामले को लेकर विदिशा में युवा ब्राह्मण विकास परिषद के बैनर तले सर्व समाज के लोगों ने आज (शुक्रवार) विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए संतोष वर्मा का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें संबंधित अधिकारी के खिलाफ आईएएस आचरण नियमों के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी इस बयान पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां सभी महिलाओं की मर्यादा और सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। उन्होंने सरकार से ऐसे अधिकारी के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की। भार्गव ने कहा कि समाज को बांटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक वर्ग का नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की गरिमा का प्रश्न बताया। महिला प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि भविष्य में कोई भी अधिकारी या सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी भाषा का प्रयोग न करे। इसके लिए एक सख्त उदाहरण पेश किया जाना चाहिए। युवा ब्राह्मण विकास परिषद और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि समाज को तोड़ने वाली सोच का मामला है, जिस पर सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।


