मान्या डायग्नोस्टिक के डायरेक्टर और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुमार देवाशीष मानते हैं कि हेल्थकेयर केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि प्रभावी लीडरशिप और मजबूत मैनेजमेंट विजन का परिणाम है। IIM इंदौर के लीडरशिप अनुभव को वे एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताते हैं। उनका कहना है कि मेडिकल और हेल्थकेयर क्षेत्र में न सिर्फ क्लिनिकल पहलुओं पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए है,एक संस्थान प्रमुख को मैनेजर के रूप में भी उतनी ही स्पष्टता के साथ सोचना होता है। IIM में बिताए समय ने उनके कई अहम विषयों को स्पष्ट किया। सबसे पहले उनका लॉन्ग टर्म विजन साफ हुआ। इसके साथ ही यह समझ बनी कि सेवाओं को और बेहतर कैसे किया जाए, क्या नई सुविधाएं जोड़ी जाएं और संस्था को किस प्रकार व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जाए। सोशल मीडिया मार्केटिंग पर हुए सत्रों ने उन्हें ब्रांडिंग और डे टू डे मैनेजमेंट में इसके प्रभावी उपयोग का नया दृष्टिकोण दिया। एआई को लेकर वे मानते हैं कि यह हेल्थ सेक्टर में सहयोगी भूमिका निभाएगा, प्रतिस्थापन नहीं। युवाओं के लिए वे तार्किक सोच, संवेदनशीलता और पेशेंट फर्स्ट अप्रोच को मजबूत नेतृत्व की आधारशिला बताते हैं।


