IKGPTU और सिडनी यूनिवर्सिटी के बीच समझाैता:विधानसभा स्पीकर संधवा बोले- पंजाब के छात्रों को मिलेंगे नए अवसर, रिसर्च वर्क में मिलेगी आजादी

आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IKGPTU) और यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल (UBS) सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) पर एक इंटरेक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को एमओयू के लाभों और बारीकियों से अवगत कराना था। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि यह करार पंजाब के विद्यार्थियों को नए और प्रभावी अवसर प्रदान करेगा। राज्यसभा सदस्य और प्रख्यात पर्यावरणविद् संत बाबा बलबीर सिंह सींचेवाल सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। IKGPTU के कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व किया। यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा और पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने विशेष अतिथि के रूप में इस अकादमिक सत्र को संबोधित किया। पंजाब के मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी मंजीत सिंह सिद्धू भी समारोह में मेहमान रहे। UBS सिडनी, ऑस्ट्रेलिया से हुआ समझौता यह एमओयू हाल ही में IKGPTU और UBS सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बीच हस्ताक्षरित हुआ है। इसे पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे लाभकारी कार्यों की श्रृंखला का एक हिस्सा माना जा रहा है। तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक विभाग, पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी इस एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। यह अकादमिक कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के श्री गुरु नानक देव जी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें यूनिवर्सिटी से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के चेयरमैन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, फैकल्टी और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ शबद गायन और ज्ञान ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया। इसके बाद, यूनिवर्सिटी के डीन इंटरनेशनल कोलेबोरेशन डॉ. आरपीएस बेदी ने करार के संदर्भ में विस्तृत जानकारी साझा की। यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा ने करार के तहत विद्यार्थी और फैकल्टी के अकादमिक आदान-प्रदान और इससे जुड़े नियमों की जानकारी दी। अकादमिक इंटरेक्शन सत्र में एमओयू की सकारात्मक और लाभकारी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं का करियर बनाने में मददगार साबित होंगे एकेडमिक प्रोग्राम्स : संधवा इस दौरान विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि आज इस यूनिवर्सिटी के लाखों स्टूडेंट्स कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जर्मनी, अमेरिका जैसे देशों में ऊंचे पदों पर बैठे हैं। 1995 तक पंजाब के स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई के लिए देश के दूसरे राज्यों पर डिपेंड रहना पड़ता था और साल 1997 में बनी इस यूनिवर्सिटी ने आज ऐसा मोड़ लिया है कि अब बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर जैसे दूसरे राज्यों से भी हर साल हजारों स्टूडेंट्स इस यूनिवर्सिटी और इसके 200 काबिल कॉलेजों में पढ़ने आते हैं। यह एकेडमिक कॉ-ऑपरेशन एग्रीमेंट एकेडमिक क्रेडिट्स (अचीवमेंट नंबर्स) के ट्रांसफर के लिए एक फ्रेमवर्क बनाएगा, जो दोनों तरफ की सरकारों और दूसरे एलिजिबल इन्स्टीट्यूशन्स को मंजूर होगा। ये जॉइंट एकेडमिक प्रोग्राम्स काम के लिए किसी भी रिलेटेड फील्ड्स में अपना करियर शुरू करने में मददगार साबित होंगे। इसके अलावा, इसमें बैचलर डिग्री और मास्टर डिग्री दोनों की पढ़ाई की जा सकेगी। इस जॉइंट एजुकेशन प्रोग्राम के ज़रिए स्टूडेंट्स को रिसर्च वर्क, एकेडमिक प्रोग्राम वगैरह के लिए एक-दूसरे के इंस्टीट्यूशन में ट्रैवल करने और काम करने की आजादी मिलेगी। पंजाब के युवाओं के लिए इमोशनल कमिटमेंट : संत सींचेवाल सांसद संत बलवीर सिंह सींचेवाल ने कहा कि यह पंजाब के युवाओं के लिए एक इमोशनल कमिटमेंट है। पंजाब के हर स्टूडेंट की आँखों में एक सपना होता है। लेकिन कई के दिल में डर होता है, सपने के महंगे होने का डर, मौका मिलने या न मिलने का डर, पीछे छूट जाने या रास्ते से भटक जाने का डर। सरकार की ऐसी पहल डरों से छुटकारा दिलाने में बहुत असरदार साबित होगी! यह एग्रीमेंट हमारे स्टूडेंट्स को एक मज़बूत मैसेज भी देता है कि “आप ग्लोबल स्टेज पर आगे हैं, सरकारें आपके साथ हैं, आपकी यूनिवर्सिटी आपके साथ है!” अतिथि रहे चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने पंजाब की फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में जरूरत एवं अवसर पर बात रखी। कुलपति प्रो. डॉ. सुशील मित्तल ने कहा कि यह एग्रीमेंट उन स्टूडेंट्स के लिए भी फायदेमंद होगा जो मेरिटोरियस हैं, मतलब वे पढ़ाई कर रहे हैं और फॉरेन एजुकेशन में अपनी मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप भी चाहते हैं। यह एग्रीमेंट उन्हें मेरिट के आधार पर तुरंत एजुकेशन स्कॉलरशिप देगा। अंत में धन्यवाद का प्रस्ताव डीन अकादमिक प्रो. डॉ. यादविंदर सिंह बराड़ ने पढ़ा। मंच संचालन डिप्टी रजिस्ट्रार रजनीश शर्मा ने किया। इस अवसर पर डीन कालेज विकास डा.बलकार सिंह, डीन आर एंड डी डा.परवीन बांसल, डीन विद्यार्थी भलाई डा.सतबीर सिंह, कंट्रोलर परीक्षाएं डा.परमजीत सिंह, वित्त अधिकारी डा.सुखबीर वालिया एवं अन्य उपस्थित रहे।

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