JPSC अध्यक्ष का पद 7 महीने से है खाली:आक्रोश में राज्य भर के छात्र, आंदोलन-प्रदर्शन के बाद अब आयोग का करेंगे सांकेतिक ब्रह्मभोज और पिंडदान

बीते 7 महीने से झारखंड लोकसेवा आयोग का पद खाली है। इस वजह से आयोग की ओर से ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा अटकी पड़ी है। मुख्य परीक्षा का परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है। वहीं 10 से अधिक दूसरी परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में अब राज्यभर के छात्र फिर से बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। नाराज छात्रों ने आंदोलन के पहले चरण में मंगलवार को जेपीएससी कार्यालय के समक्ष रिजल्ट जारी करने को लेकर ‎प्रदर्शन किया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने कहा कि रिजल्ट‎ जारी करने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। राज्य के‎ बोकारो, देवघर, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर, पलामू‎ समेत अन्य जिलों में अभ्यर्थी रांची आए हैं। लेकिन यहां कोई सही ‎जानकारी देने वाला भी नहीं है। अब रिजल्ट जारी करने की‎ जानकारी मिलने के बाद भी घर वापस लौटेंगे। रिजल्ट को लेकर ‎धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अब करेंगे सांकेतिक ब्रह्मभोज और पिंडदान आंदोलन को लेकर छात्र नेता झारखंड स्टेट स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि अब आंदोलन करना मजबूरी हो गया है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि हमने आंदोलन की जो रूपरेखा तय की है, उसके मुताबिक आज छात्रों का समूह जेपीएससी के ब्रह्म भोज के लिए विपक्ष के नेता और साथ ही साथ सत्ताधारी दलों के सभी नेताओं को आमंत्रण भी देंगे। इसके बाद हमारा आंदोलन राजभवन के पास धरनास्थल पर शुरू होगा। हमलोग यहां गुरुवार को सांकेतिक ब्रह्मभोज और पिंडदान करेंगे। इसके साथ ही हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हाईकोर्ट तक पहुंचा है रिक्त पर का मामला जेपीएससी में अध्यक्ष का पद सात महीने से रिक्त है, यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की पीठ में राज्य में सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए सरकार को जेपीएससी के अध्यक्ष का पद यथाशीघ्र भरने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी अब तक नियुक्ति लटका ही हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जेपीएससी में फिलहाल तीन सदस्य हैं। प्रो अजिता भट्टाचार्य, प्रो अनिमा हांसदा और प्रो जमाल अहमद। अगर नई नियुक्ति करने में सरकार को परेशानी है, तो इनमें से किसी को वरीयता के आधार पर जेपीएससी अध्यक्ष का प्रभार दे सकती है। पहले में भी ऐसा किया जा चुका है। अध्यक्ष का प्रभार मिलने से रिजल्ट प्रकाशन, इंटरव्यू और परीक्षाएं ली जा सकेंगी।

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