KGMU को BHEL से मिली कैंसर डिटेक्शन मोबाइल वैन:ब्रेस्ट कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग में होगा फायदा, रूरल एरिया पर रहेगा फोकस

BHEL की ओर से किंग जार्ज मेडिकज यूनिवर्सिटी (KGMU) को एक मोबाइल वैन दान की गई है। यह वैन यूनिवर्सिटी के रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग को मिली है। इस वैन का प्रयोग कैंसर मरीज की पहचान के लिए होगा। इस बस रूपी मोबाइल वैन से टीम जाकर स्तन कैंसर की जांच करेगी। इसके लिए बस में मेमोग्राफी मशीन लगाई जाएगी। गांव में जाएगी टीम KGMU के प्रवक्ता डॉ.सुधीर सिंह ने बताया कि BHEL से CSR के तहत मोबाइल वैन मिली है। इससे विश्वविद्यालय के डॉक्टरों की टीम गांवों में जाएगी। वहां महिलाओं की जांच कर कैंसर की पहचान की जाएगी। मोबाइल वैन के तीन हिस्सों में पहले भाग में मरीज की जानकारी प्राप्त की जाएगी। अगले हिस्से में खून की जांच और तीसरे भाग में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और अन्य रेडियोडाग्नोसिस जांच की जाएगी। यहीं मैमोग्राफी मशीन भी लगेगी। KGMU की स्तन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. गीतिका ने बताया कि भारत में अभी भी स्तन कैंसर जागरुकता को लेकर काफी कमी है। विदेशों में 56 साल तो भारत में स्तन कैंसर की औसत आयु 46 साल है। इस कारण तेजी से फैल रहा कैंसर जागरूकता की कमी से 42 % महिलाएं एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंच पाती हैं। ऐसे में कैंसर अधिक फैल जाता और मौत की प्रमुख वजह बनता है।महिलाओं में स्तन कैंसर की दर अधिकरेडिएशन आंकोलॉजी विभाग के आंकड़ों को देखें तो महिलाओं में होने वाले कैंसर के कुल मामलों में से स्तन कैंसर के मामले 28.8% है। वहीं, 10.6% में गर्भाशय ग्रीवा, 6.2% में ओवरी, 3.7% गर्भाशय के मुख्य भाग, 3.7% फेफड़े, 3.6% में थॉयराइड, 3.2% को मुंह, 2.8 % को सांस नली, 2.7 % को गाल ब्लेडर और 2.4 % के पेट में कैंसर होता है।

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