LIVE बर्फीली हवा ने बदला शहर का सुबह का रूटीन:मोर्निंग वॉकर्स घटे, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, चाय की थड़ियों पर अलाव बना सहारा

नए साल की शुरुआत से ही पाली में जारी तेज सर्दी और शीत लहर का असर रविवार सुबह भी साफ नजर आया। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री दर्ज किया गया। करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। सर्दी का असर आमजन की दिनचर्या पर किस कदर पड़ा है, यह जानने के लिए रविवार सुबह 7 से 9 बजे तक शहर का जायजा लिया गया। बांगड़ कॉलेज ग्राउंड रहा सूना
सुबह करीब सात बजे बांगड़ कॉलेज ग्राउंड पहुंचे तो यहां वॉकिंग करने वालों की संख्या काफी कम नजर आई। जो मैदान आमतौर पर मॉर्निंग वॉकर्स और खिलाड़ियों से भरा रहता है, वह सर्दी के कारण सूना दिखाई दिया।
नियमित वॉकर नवलकिशोर ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से यहां वॉकिंग कर रहे हैं, लेकिन एक जनवरी से चल रही शीत लहर के कारण सुबह आने वालों की संख्या घट गई है। वहीं, धर्मेन्द्र महनोत ने कहा कि सर्दी तेज है, लेकिन सेहत भी जरूरी है, इसलिए गर्म कपड़े पहनकर वॉकिंग जारी रखे हुए हैं। सड़कों पर सन्नाटा
लोडिया पाल रोड, नहर पुलिया से मंडिया रोड तक सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा। कहीं-कहीं गिने-चुने लोग ही वॉकिंग करते नजर आए। खुले आसमान के नीचे जूझते लोग
लोडिया तालाब रोड पर सड़क किनारे खुले में रात गुजारने वाले खानाबदोश परिवार भी नजर आए। महिलाओं और बच्चों सहित ये परिवार पर्याप्त गर्म कपड़ों के अभाव में अलाव तापते दिखे। उनका कहना था कि आर्थिक मजबूरी के चलते उन्हें सड़क किनारे ही रात बितानी पड़ती है। चाय, अलाव और सर्दी से जंग
बांगड़ हॉस्पिटल परिसर सहित शहर की कई चाय की थड़ियों पर लोग चाय की चुस्कियों के साथ अलाव का सहारा लेते नजर आए। सर्दी से राहत पाने का यह सबसे आसान जरिया बना हुआ है। हर मौसम में वॉकिंग, नहीं आए तो जुर्माना
अम्बेडकर सर्कल से नहर पुलिया रोड पर मॉर्निंग वॉक क्लब के सदस्य हमेशा की तरह सक्रिय दिखे। 59 से 77 वर्ष आयु के इस ग्रुप के सदस्य हर मौसम में वॉकिंग को जरूरी मानते हैं।
जलदाय विभाग के एक्सईएन कानसिंह राणावत ने बताया कि वे पिछले 28 वर्षों से नियमित वॉकिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ उद्यमी रामकिशोर साबू ने कहा कि दोस्तों के साथ वॉकिंग से सेहत के साथ-साथ हर मौसम का आनंद भी मिलता है। दूध-जलेबी का जुर्माना
ग्रुप के केपी व्यास ने बताया कि यदि कोई सदस्य बिना सूचना वॉकिंग पर नहीं आता, तो जुर्माने के तौर पर उसे पूरे ग्रुप को दूध-जलेबी खिलानी पड़ती है। व्यापार नहीं, हर मुद्दे पर चर्चा
वरिष्ठ उद्यमी अरुण जैन ने बताया कि ‘मॉर्निंग वॉरियर्स’ नाम के इस ग्रुप में 14 सदस्य हैं, जो 25-30 वर्षों से नियमित वॉकिंग कर रहे हैं। वॉक के बाद चाय की थड़ी पर करीब एक घंटे तक हर मुद्दे पर चर्चा होती है—सिर्फ व्यापार को छोड़कर।
उनका कहना है कि जिस दिन ग्रुप के साथ वॉकिंग नहीं होती, उस दिन कुछ अधूरा सा महसूस होता है।
इस ग्रुप में श्रीकिशन दायमा, भुवनेश व्यास सहित कई शहरवासी शामिल हैं। फोटो में देखे पाली की संडे की सुबह

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