महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के बाहर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं की ओर से गुरुवार को प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं के नेतृत्व में स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी पर भ्रष्टाचार और अनियमिताओं के आरोप लगाएं। कुलपति को बाहर बुलाने को लेकर यूनिवर्सिटी के बाहर धरना दे दिया। कुलपति जब ज्ञापन लेने के लिए बाहर नहीं पहुंचे तो छात्र नेताओं की नेतृत्व में स्टूडेंट्स जयपुर की बात बोलकर हाईवे की ओर निकल गए। प्रदर्शन के दौरान सिविल लाइन थाना पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। गुरुवार को छात्र नेताओं के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स नारेबाजी करते हुए यूनिवर्सिटी के बाहर पहुंचे और धरना दिया। यहा विभिन्न मांगों को लेकर छात्र नेताओं और स्टूडेंस्ट्स ने नारेबाजी की। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ज्ञापन देने के लिए कुलपति को बाहर बुलाने को लेकर स्टूडेंट्स ने धरना दिया। कुछ समय बाद जब कुलपति ज्ञापन लेने के लिए बाहर नहीं पहुंचे तो छात्र नेताओं के नेतृत्व में स्टूडेंट्स जयपुर रॉड की बोलकर हाईवे की और कूच कर गए। छात्र नेता जुबेर खान ने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार अपनी प्रतिष्ठा खो रहा है। जिसका मुख्य कारण कुलगुरु, परीक्षण नियंत्रक और अन्य स्टाफ है। सबकी मिली भगत के कारण प्रतिवर्ष लाखों स्टूडेंट प्रताड़ित हो रहे हैं। स्टूडेंट उच्च शिक्षा आर्थिक कारणों से भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कुलगुरु की जाती है। हाल ही में विश्वविद्यालय की कॉपियां कॉलेज के छात्रों द्वारा चेक करते हुए वीडियो वायरल हुआ। इससे यह ज्ञात होता है की कॉपियां चेक करने में लगने वाला खर्च करोड़ रुपए है। सब प्रशासनिक अधिकारी मिलकर भ्रष्टाचार करते हैं और कॉपियां कॉलेज के बच्चों या परिवार के लोगों से चेक करवाते हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि हमारी कुलपति से यही मांगे की परीक्षा प्रणाली की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। दोषी अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वर्ष 2025 26 सत्र में विश्वविद्यालय के खेलों में भारी भ्रष्टाचार सामने आया है। इस भ्रष्टाचार की भी जांच की जाए। यूनिवर्सिटी ने गेट पर चस्पा किया नोटिस एमडीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर एक नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा कि सभी स्टूडेंट्स, छात्र नेता, संगठन को सूचित किया जाता कि यूनिवर्सिटी परिसर में किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन पूर्व अनुमति के बिना किया जाना वर्जित है। अगर कोई प्रदर्शन किया गया और कोई टूट फुट हुई तो इसे राज कार्य में बाधा माना जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


