खेजड़ी बचाओ कानून लाने के लिए सड़क से सदन तक मांग की जा रही है। बीकानेर में धरना-प्रदर्शन चल रहा है। वहीं विधानसभा में विधायक कानून लाने की मांग कर रहे है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बीती रात को जयपुर में मीडिया बातचीत में कहा- सीएम भजनलाल ने राज्यपाल अभिभाषण पर अपने जवाब में खेजड़ी बचाने के लिए जल्द कानून लाने की बात कही है। सीएम का आभार व्यक्त किया। इस कानून की आवश्यकता इस प्रदेश को है। विशेषकर बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर ओर फलौदी जैसे इलाको में जहां अंधाधुंध खेजड़ी काटी जा रही है। भाटी ने कहा बीकानेर में कई संत-महात्मा खेजड़ी बचाने के लिए धरना और आमरन अनशन पर बैठे है। हर गांव और ढाणी के लोगों में रोष था। कानून लाने की बात से आने वाली पीढ़ी को फायदा मिलेगा। अगर ट्री प्रोटेक्शन एक्ट मजबूती से लागू होता है। खेजड़ी को बचाने के लिए मजबूत कानून आता है। निश्चित तौर पर आने वाली पीढ़ी को बढ़िया वन संपदा दे पाएगी। भाटी ने एक सवाल के जवाब में कहा- खेजड़ी को बचाने का विषय राजनीति से अलग विषय है। हमारा प्रदेश मां अमृता देवी का प्रदेश है। 363 लोगों ने खेजड़ी के लिए लोगों ने कुर्बानी दी है। आज जो हरे-भरे पेड़ मिल रहे है। यह हमने नहीं लगाए है। हमें विरासत में मिले है। कई लोगों ने शहादत दी है। आज हम इसको बचाने की बात नहीं करेंगे। मुझे लगता है कि हमारा यहां पर आना व्यर्थ है। विधायक ने कहा- विकास के नाम पर विनाश कतई स्वीकार नहीं है। साधु संत धरने और आमरण अनशन पर बैठ थे। साधु संतो का जो भी धरने और आंदोलन को लेकर भी आदेश रहेगा। सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से संतों के नेतृत्व में लड़ेंगे। आगे भी कानून और तमाम चीजों को लेकर जो आदेश रहेगा उस आदेश की पालना करेंगे। यह जीत अभी तक आधी है कानून आएगा तब पूरी होगी। यह जीत तमाम महात्माओं की है। उनके नेतृत्व में तमाम चीजें हो रही है।


