MLA भाटी PHED ऑफिस में कुर्सी छोड़ बैठे धरने पर:बोले- 1 साल से लेटर लिख रहा हूं, हमारे लोग धरने पर बैठे यह शर्म की बात

बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा के हरसाणी समेत गांवों में पानी नहीं पहुंचने पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जलदाय विभाग (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जन स्वा. अभियांत्रिकी विभाग) के ऑफिस चेंबर में धरने पर बैठ गए। भाटी का कहना है कि मेरे लोग और महिलाएं सड़कों पर धरने पर बैठे है तो मैं कैसे घर पर बैठ जाऊं। बीते एक साल में पत्राचार कर रहा हूं। लेकिन आपकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अब तो मुझे यह लिखित में बताओं कि पानी कब तक गांव में पहुंचेगा। जब हमारे लोग सड़कों पर आकर बैठे है तो यह तो हमारे लिए शर्म की बात होगी कि हमारे रहते हुए हमारे क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरस रहे है। वो आगे क्यूं आएंगे आगे मैं आऊंगा। वो मेरे लोग है। दरअसल, बाड़मेर जिले के हरसाणी गांव में सर्दी में पानी की समस्या को लेकर हरसाणी कस्बे का मार्केट बंद कर धरने पर बैठे है। बीते दो अतिरिक्त मुख्य अभियंता परशुराम वर्मा और विधायक के बीच बातचीत भाटी – गांव के लोगों को पानी के लिए सड़क पर आकर बैठना पड़ रहा है। बीते एक साल से लेटर लिख रहा हूं। XEN साहब पत्राचार करते कितना समय हो गया। इस गांव में पानी की जरूरत है। पाइप लाइन नहीं बिछ रही है। गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे है। उनकी आंखों में पानी है। अगर साल भर में पानी नहीं दे पा रहे हो। मैं आज यहां पर कुर्सी छोड़कर धरने पर बैठ रहा हूं। वर्मा- आप ऐसा मत करो भाटी- नहीं, नहीं, जब तक मेरे गांव के लोगों को पानी नहीं दोगे मैं धरने पर बैठा हूं। वर्मा- मैनें प्रस्ताव पहले भेजे थे, स्टेट लेवल का जो डिसीजन हुआ है भाटी- मेरे गांव के लोगों को सड़क पर आकर बैठना पड़ रहा है। महिलाओं को आकर बैठना पड़ रहा है तो मैं घर पर कैसे बैठू। वर्मा- हम तो रूल्स और नियमों से बंधे हुए है। भाटी- उनके घरों में पानी जाना चाहिए था, साल से लेटर लिख रहा हूं। हरसाणी और आसपास के गांवों का समाधान करके दें तब तक मैं धरने पर बैठा हूं। पानी तो मांग रहे है। विधानसभा में मामला उठ जाएगा। मैं यहां पर धरने पर बैठा हूं आप चाहे मंत्री से बात करें या स्टेट में अधिकारियों से बात करें। पानी पहुंचाना आपका काम है। गांव के लोग डॉक्यूमेंट नहीं समझते है। वर्मा- आपसे निवेदन कर रहे है। भाटी- मैं यहां पर धरने पर बैठा हूं आप मुझे लिखित में दें कि इतने दिन में पानी पहुंचा दिया जाएगा। मैं समझ पा रहा हूं कि आपका इश्यू है। पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी तो पीएचईडी की है। वर्मा- आपके कहे अनुसार हमने प्रस्ताव आगे भेजें है। भाटी- गांव के लोगों को कहा कहें कि चीफ साहब ने आगे प्रस्ताव भेजे है। मुझे तो आप समाधान बता दे दीजिए। इस दिन इन लोगों के घरों में पानी आ जाएगा। जो स्कीम में था, जितना सर्वे हुआ है। वो भी पाइप अभी तक बिछे नहीं है। मुझे तो लिखित में दे दीजिए कि यहां-यहां इतने दिन में पानी पहुंचा देंगे।

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