MP की डॉक्टर ने 10 टेली-सर्जरी कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड:​​​​​​​मरीज थी 600 किमी दूर, गुरुग्राम से रोबोटिक चेयर पर बैठकर ऑपरेशन कर निकाली चॉकलेट सिस्ट

मध्यप्रदेश की राजधानी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। वजह है भोपाल की डॉ. प्रिया भावे चित्तावर दुनिया की अकेली गायनेकोलॉजिस्ट हैं, जिन्होंने 6 माह में सबसे ज्यादा 10 सफल टेली सर्जरी पूरी की हैं। इस नई तकनीक ने डॉक्टर और मरीजों के बीच दूरी की बाधा को खत्म कर दिया है। 23 दिसंबर को डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने गुड़गांव में एसएसआई हेडक्वार्टर से रोबोटिक चेयर पर बैठकर भोपाल स्थित हर अस्पताल में भर्ती महिला मरीज का ऑपरेशन किया। इस दसवीं टेली सर्जरी के जरिए महिला की ओवरी में बनी चॉकलेट सिस्ट (एंडोमेट्रियोसिस सिस्ट) को निकाला गया। डॉ. चित्तावर ने बताया कि अभी टेक्नोलॉजी को वहां तक पहुंचाना जहां अभी तक आधुनिक सर्जरी की सुविधा नहीं है। विचार यह है कि भोपाल में बैठे विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर रीवा, शहडोल या किसी दूरस्थ जिले में मरीज की सर्जरी कर सकें। हाई-डेफिनिशन 3D कैमरा और सटीक रोबोटिक मूवमेंट्स से सर्जरी बेहद साफ, सुरक्षित और कम दर्द वाली होती है।
छोटे चीरे, कम खून बहाव और तेज रिकवरी, यही इस तकनीक की सबसे बड़ी ताकत है। इससे महिलाओं की जटिल सर्जरी 99.99% एक्यूरेसी के साथ की जा रहीं हैं। जिससे वे जल्द स्वस्थ होकर घर लौट रहीं हैं। सर्जरी आम सर्जरी महंगी जरूर है। जब अस्पताल में मरीज के भर्ती होने का समय कम हो जाता है और भविष्य में उसे दवाओं या अन्य मेडिकल हेल्प लेने की जरूरत नहीं पड़ती तो खर्च लगभग सामान हो जाता है। साथ ही, मरीज को होने वाले लाभ बढ़ जाते हैं। डॉक्टर ने कहा- ऐसा लगता है जैसे मरीज के अंदर हैं
डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी करने और नॉर्मल सर्जरी करने में एक बड़ा अंतर है। नॉर्मल रूप से सर्जरी करने में हमें बाहर से सब देख कर अंदाजा लगाना होता है कि कट कहां लगाना है और कितना लगाना है। जबकि, रोबोटिक सर्जरी के दौरान ऐसा लगता है कि जैसे मरीज के अंदर पहुंच गए हैं। अंदर की स्थिति स्पष्ट रूप से नजर आती है जो सर्जरी को आसान और सफल दोनों बना देता है। रोबोटिक सर्जरी खासकर स्त्री रोग (Gynecology) में वरदान
डॉ. चित्तावर ने कहा, रोबोटिक सर्जरी स्त्रीरोग उपचार में केवल सटीकता ही नहीं, बल्कि भविष्य की प्रजनन संभावनाओं को भी सुरक्षित करती है। जैसे फाइब्रॉइड या ओवरी सिस्ट की सर्जरी में यह गर्भाशय और अंडाशय की संरचना को बचाए रखती है। इससे महिलाएं न केवल जल्दी स्वस्थ होती हैं, बल्कि मातृत्व का अवसर भी सुरक्षित रख पाती हैं। टेली-रोबोटिक सर्जरी का सफर ये खबर भी पढ़ें… सर्जन ने ऑपरेशन थिएटर के बाहर से की सर्जरी कल्पना कीजिए मरीज ऑपरेशन थिएटर में है, लेकिन सर्जन बस में बैठे कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित कर रहे हैं, और अंदर सटीक सर्जरी चल रही है। यही नजारा राजधानी भोपाल में दिखा, जब भारत में बनी पहली मोबाइल टेली रोबोटिक सर्जरी यूनिट SSI मंत्रा M नर्मदापुरम रोड स्थित HER अस्पताल (निजी) पहुंची और इसका पहला केस एक महिला की बच्चेदानी निकालने की सर्जरी (हिस्ट्रैक्टोमी) का किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *