शहडोल में 7वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव गुरुवार को होने जा रही है। इसमें 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। इसके लिए पांच हजार निवेशकों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कॉन्क्लेव में एसीसी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे भोपाल से हेलिकॉप्टल से 10ः35 बजे डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुंचेगे। यहां से 10ः40 बजे हेलिकॉप्टर से ही 11ः20 बजे शहडोल पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री 11ः30 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। समापन के बाद शाम 4ः30 बजे हेलिकॉप्टर से शाम 5ः10 बजे एयरपोर्ट जबलपुर पहुंचेंगे। इस बार विशेष रूप से खनिज उद्योग, सौर ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित रहेगी। सीएम उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा भी करेंगे। उद्यमियों में शहडोल, अनूपपुर और उमरिया प्रमुख कोयला उत्पादक भी शामिल हैं। संभाग में बाॅक्साइड, रेत, पत्थर, लाइम स्टोन समेत वन संपदा है। ये कंपनी हो रहीं शामिल
कॉन्क्लेव में शामिल होने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की कंपनियां आ रही हैं। इनमें टोरेन्ट पॉवर लिमिटेड, शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड, रामा सीमेंट इंडस्ट्रीज, श्री बजरंग पॉवर लिमिटेड, जेएमएस माइनिंग प्राईवेट लिमिटेड, एसएम परिमल प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। कॉन्क्लेव में ओरिएंट पेपर मिल, एसीसी सीमेंट लिमिटेड, आरके ग्रुप रायपुर, महावीर कोल रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के भी प्रतिनिधि शामिल हाेंगे। 140 करोड़ रुपए से एथेनॉल प्लांट
कॉन्क्लेव में ग्राम पटासी में एथेनॉल प्लांट के लिए 140 करोड़ रुपए, ग्राम मुदरिया में खाद्य प्रसंस्करण के लिए 3.5 करोड़ रुपए और ग्राम छतवई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में 5 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले हैं। दियापीपर में 51 हेक्टेयर भूमि चिन्हित
जिले के दियापीपर में 51. 135 हेक्टेयर, ग्राम चन्नौड़ी में 2.023 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। उमरिया जिले में आद्योगिक क्षेत्र बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 5 करोड़ रुपए, बड़वार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2 करोड़ रुपए, ग्राम रोहनिया में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 2.5 करोड़ के प्रस्ताव मिलेंगे। इन पर भी रहेगा फोकस
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों द्वारा लघु उद्योगों, कुटीर उद्योगों, कृषि पर आधारित उद्योगों तथा पर्यटन उद्योग के संबंध में विशेष रूप से बनाए गए सेमिनार कक्ष में चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों और प्रमुख उद्योगों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। शहडोल संभाग से खनिज संपदा और कनेक्टिविटी अच्छी
शहडोल में खनिज संपदा, रेलवे लाइन, हाइवे की सुविधा भी है। इससे बड़े शहरों से भी अच्छी कनेक्टिविटी है। यहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, नर्मदा और सोन नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक, विरासनी देवी मंदिर, कंकाली देवी मंदिर, सरसी आइलैंड, बाणसागर बांध, विराट मंदिर पर्यटन स्थल हैं। इसके साथ-साथ ऐतिहासिक स्थल भी हैं। संभाग में धान का उत्पादन होता है। कोदो और श्रीअन्न की खेती भी की जा रही है। पशुपालन, कुटीर उद्योग सहित लघु और मध्यम उद्योगों के स्थापना की संभावना है। 6 कॉन्क्लेव में एक लाख 20 हजार करोड़ का निवेश


