मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों को लेकर सोमवार शाम को CM हाउस में बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मानव अधिकार आयोग में अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्तियों को लेकर एतराज जताया और अपनी असहमति जताई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव जी और विधानसभा अध्यक्ष भी मौजूद थे। नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति के बाद अब मानव अधिकार आयोग में सिर्फ प्रशासनिक सदस्य के तौर पर एपी सिंह की नियुक्ति होगी। आपत्ति के कारण न्यायिक सदस्यों के 3 नाम होल्ड कर दिए गए हैं। नियुक्तियों पर यह आपत्तियां उठाईं खास को उपकृत करने पद का नाम बदल दिया गया
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मानव अधिकार आयोग में न्यायिक सदस्य का पद है लेकिन, व्यक्ति विशेष को उपकृत करने के लिए वर्तमान में पद का नाम बदलकर प्रशासकीय सदस्य के तौर पर एक आवेदन बुलाया गया है। जो आवेदन बुलाए गए हैं, उनमें समाज के चुनिंदा वर्ग के लोगों के ही आवेदन शामिल किए गए हैं। विशेष लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए केवल उन्हीं लोगों को रिक्त पदों की सूचना गोपनीय तरीके से देकर उनसे ही आवेदन बुलवाए गए हैं। एक ही व्यक्ति को बार-बार अध्यक्ष का प्रभार क्यों दिया जा रहा
बैठक में जानो से पहले नेता प्रतिपक्ष ने कहा इस पूरी प्रक्रिया को इतने गोपनीय और छुपाकर क्यों किया जा रहा है? सिंघार ने मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के पद को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति को बार-बार चयनित कर अध्यक्ष का प्रभार क्यों दिया जा रहा है? मानव अधिकार आयोग के एक्ट का खुला उल्लंघन सरकार कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, आज मानवधिकार आयोग की बैठक रखी गई है। मानव अधिकार आयोग न्याय का मंदिर है। इसकी नींव संवैधानिक मूल्यों पर रखी गई है। मैं उम्मीद करूंगा की मुख्यमंत्री जी आज की चयन बैठक में प्रदेश की जनता के अधिकारों को लेकर न्याय करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार कहा है कि भाजपा से संविधान को खतरा है। आज यह सच होता दिखाई दे रहा है कि भाजपा संवैधानिक पदों पर खिलवाड़ कर रही है। यदि सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी, तो हम हाई कोर्ट के दरवाजे खटखटाएंगे, क्योंकि यह प्रदेश की जनता के न्याय का मामला है। ये हैं समिति सदस्य इनके आए आवेदन
मप्र मानव अधिकार आयोग में न्यायिक सदस्य के लिए आए आवेदन मनोहर ममतानी (पूर्व सदस्य मप्र मानव अधिकार आयोग)- 5 सितंबर 2017 से 29 अप्रैल 2018 तक और 25 नवंबर 2022 से 9 मई 2025 तक मप्र मानव अधिकार आयोग के सदस्य रहे हैं।
रमेश कुमार सोनी (सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश इंदौर)- वर्तमान में मेघालय राज्य विद्युत नियामक आयोग में विधि सदस्य के रूप में सेवारत हैं। शोभा पोरवाल(सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश इंदौर)- वर्तमान में स्थायी लोक अदालत आगरा यूपी की अध्यक्ष हैं।


