MP में रोबोट बताएंगे पानी और सीवर लाइन के लीकेज:पोर्टल और ऐप पर दिखेगा पाइपलाइन नेटवर्क; इंदौर में दूषित पानी से हुई हैं 24 मौतें

इंदौर में दूषित पानी के कारण 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने राज्य की शहरी जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मध्यप्रदेश का नगरीय प्रशासन विभाग एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों की वाटर सप्लाई और सीवर लाइन का पूरा रूट-मैप एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पूरे नेटवर्क की डिजिटल निगरानी संभव हो सकेगी। 413 नगरीय निकाय होंगे कवर
नगरीय प्रशासन विभाग के GIS एक्सपर्ट देवराज त्रिपाठी ने बताया कि AMRUT REKHA नाम का पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है। इसमें प्रदेश की 413 नगरीय निकायों की वाटर सप्लाई और सीवरेज लाइन की मैपिंग कर अपलोड की जा रही है। फील्ड इंजीनियर इसकी निगरानी करेंगे। इंदौर की घटना के बाद अब हम सभी ओवरहेड टैंक (OHT) की मॉनिटरिंग करेंगे। OHT के पैरामीटर के अनुसार प्रॉपर क्लीनिंग कराई जाएगी और उसका वीडियो पोर्टल पर अपलोड होगा। यानी फील्ड पर फिजिकल काम भी होगा और ऑनलाइन निगरानी भी। रोबोट करेगा लीकेज की पहचान
जहां वाटर और सीवर लाइन आपस में मिलती हैं, उन इंटर सेक्शन पॉइंट्स को पोर्टल पर यलो मार्क से चिह्नित किया जाएगा। जहां इंटरसेक्शन पॉइंट होंगे, वहां रोबोटिक सिस्टम से जांच होगी। बिना खुदाई रोबोट बताएगा कि लीकेज है या नहीं। लीकेज मिलने पर तुरंत सुधार होगा। पहले चरण में सभी 413 नगरीय निकायों के OHT को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। बिना खुदाई रोबोट सेंस पता लगाएगा
जहां-जहां इंटर सेक्शन पॉइंट होंगे, वहां रोबोटिक सिस्टम से जांच की जाएगी। बिना खुदाई रोबोट सेंस करेगा कि लीकेज है या नहीं। लीकेज मिलने पर तुरंत मरम्मत कराई जाएगी। लीकेज नहीं मिलने पर अगला पॉइंट चेक किया जाएगा। हर ULB क्षेत्र में वाटर सीवर जंक्शन पॉइंट तय किए जाएंगे और नियमित रोबोटिक इंस्पेक्शन होगा। मोबाइल ऐप से फील्ड मॉनिटरिंग
AMRUT REKHA दो हिस्सों में काम करेगा। वेब पोर्टल में अधिकारियों के लिए पूरा नेटवर्क डेटा मौजूद रहेगा। मोबाइल ऐप के जरिए फील्ड इंजीनियरों द्वारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कर रिपेयरिंग कराई जाएगी। ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर में बदबूदार, झाग और कीड़े वाले पानी की सप्लाई इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 23 मौत हो चुकी है। अभी 39 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। अब यहां टैंकरों से पानी दिया जा रहा है।पढे़ं पूरी खबर सबसे पहले 2 बच्चों में मिले थे हैजा जैसे सिम्टम्स इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 17 लोगों की मौत हो गई है। आईसीयू में 15 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। कुल एडमिट मरीजों की संख्या 110 है, जबकि एक हफ्ते पहले एडमिट मरीजों की संख्या 398 थी। इस बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। अस्पताल के सूत्रों ने बताया है कि समय रहते बच्चों में हैजा जैसे सिम्टम्स पता चल गए, नहीं तो स्थिति कुछ और हो सकती थी।पूरी खबर पढ़ें

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