नेशनल हाईवे 343 में 90 किलोमीटर की सड़क चलने लायक नहीं बची। बारिश में सड़क पूरी तरह से टूट गई है। नेशनल हाईवे की बदहाल स्थिति का जायजा लेने मंत्री रामविचार नेताम स्वयं सड़क पर पहुंचे। उन्होंने एनएच के अधिकारियों को एक सप्ताह में मरम्मत का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नेशनल हाईवे की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। अंबिकापुर-रामानुजगंज मार्ग पूरी तरह से टूट चुकी है। 110 किलोमीटर की सड़क में बलरामपुर से पाढ़ी तक 18 किलोमीटर सड़क की टायरिंग कर दी गई थी। शेष करीब 90 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन सड़क पर जाम लग रहा है। सड़क की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस ने राजपुर और बलरामपुर में प्रदर्शन भी किया था। मंत्री का निर्देश- एक सप्ताह में पूरा करें मरम्मत
मंत्री रामविचार नेताम ने रविवार को बलरामपुर से अंवराझरिया तक सड़क का निरीक्षण किया। नेशनल हाईवे के सुधार का कार्य मौसम साफ होने के साथ शुरू कर दिया गया है। मंत्री नेताम ने नेशनल हाईवे के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभाग में अभी मौसम साफ हुआ है। एक सप्ताह में अंबिकापुर से रामानुजगंज तक सड़क की मरम्मत का काम पूरा करें और सड़क को चलने लायक बनाएं। 15 दिनों में शुरू होगा नई सड़क बनाने का काम
मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि अंबिकापुर से रामानुजगंज तक सड़क मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृति मिल गई है। अंबिकापुर से रामानुजगंज तक नए सड़क के लिए टेंडर और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नई सड़क निर्माण के लिए बारिश समाप्त होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। ठेकेदार द्वारा 15 दिनों में सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बलरामपुर से रामानुजगंज तक सर्वाधिक खराब है सड़क
बलरामपुर से रामानुजगंज के बीच सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। 27 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो घंटे तक का समय लग जा रहा है। पाढ़ी से अंबिकापुर तक अनगिनत गड्ढे हैं। इस मार्ग की दुर्दशा के कारण यात्री बसें और चारपहिया वाहन प्रतापपुर से होकर सेमरसोत के रास्ते बलरामपुर पहुंच रही हैं।


