NHM कर्मियों ने सड़क पर मांगी भीख, जताया विरोध:प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर निकाली रैली, कहा-सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार की उदासीनता के खिलाफ सरगुजा में अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया। 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे NHM कर्मचारी संघ के सदस्यों ने सोमवार को शहर की सड़कों पर उतरकर लोगों से भीख मांगी। NHM कर्मियों ने कहा कि वे सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार चार दिनों से हड़ताल जारी रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इनमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन भी शामिल हैं। चार दिनों से हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों के मांगों को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। NHM कर्मियों का कहना है कि वे वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। सड़कों पर रैली निकाल मांगी भीख
NHM के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को धरना स्थल से रैली निकाली और कलेक्टोरेट चौक पहुंचे। कलेक्टोरेट चौक से संगम चौक तक रैली निकालकर NHM कर्मियों ने भीख मांगी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने भीख में मिले पैसे को वे राज्य सरकार के कोष में जमा कराएंगे, ताकि सरकार उनके नियमितीकरण का तोहफा दे सके और अन्य लंबित मांगों को भी पूरा किया जा सके। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, पीछे हटने को तैयार नहीं आंदोलनकारी NHM पदाधिकारियों ने बताया कि वे अब तक 100 से अधिक बार सरकार को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। मांगें माने जाने तक यह हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के कारण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल सहित सभी सीएचसी एवं पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सीएचसी एवं पीएचसी में टेक्निकल स्टाफ के पदों पर NHM कर्मी काम कर रहे हैं। इस कारण सभी जांच लगभग बंद हो गई है। अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को नियमिति चिकित्सक भी हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधाएं ठप रहीं। NHM कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शिल्पी राय ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें स्वीकार नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

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