भारतीय राष्ट्रीय सौर ऊर्जा महासंघ (NSEFI) के CEO सुब्रह्मण्यम पुलिपका ने पत्र लिखकर बाड़मेर के शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से की है। पत्र में लिखा है-भाटी की ओर से खड़ी जा रही अड़चनों से अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में 8500 करोड़ का निवेश अटक गया है। आरोपों को विधायक भाटी ने नकार दिया है। NSEFI की ओर से की गई शिकायत में लिखा गया- बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र में पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के डवलपर्स को स्थानीय विधायक के कारण समस्याएं हो रही हैं। कर्मचारियों को धमकियां दी जा रही हैं। जबरन वसूली की भी कोशिशें की जा रही हैं। भाटी के दखल से 2 हजार मेगावाट तक की परियोजनाएं बेवजह 6 महीने से अटकी पड़ी हैं। यह व्यवहार राजस्थान में पहले कभी नहीं देखा गया। फेडरेशन ने चेतावनी दी- यह सिलसिला नहीं थमा तो अक्षय ऊर्जा में निवेश करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ेगा। फेडरेशन के सीईओ सुब्रह्मण्यम पुलिपका ने शिकायत की कॉपी मुख्य सचिव और डीजीपी को भी भेजी है। विधायक बोले- कोई अड़चन नहीं डाली इस मामले में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- मैंने किसी भी तरह के प्रोजेक्ट में कोई अड़चन नहीं डाली। मैं मेरी विधानसभा क्षेत्र के किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहा हूं। किसानों के साथ डीएलसी से दोगुने मुआवजे के नाम पर अन्याय किया जा रहा है। इलाके के किसान एकजुट हैं। मैं सिर्फ उनकी आवाज बन रहा हूं। हाईटेंशन लाइन के लिए टावर लगाने का काम रुकवाया था शिव क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के किसान हाईटेंशन लाइन के लिए टावर निर्माण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 70 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। टावर निर्माण के लिए मात्र 50 हजार रुपए प्रति टावर मुआवजे की पेशकश से किसान असंतुष्ट थे। उन्होंने सम्मानजनक मुआवजे के लिए प्रोजेक्ट के काम को रुकवा दिया था। यह हाईटेंशन लाइन और टावर NSEFI के प्रोजेक्ट का हिस्सा है। ऐसे में NSEFI ने काम रुकने पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक की शिकायत प्रधानमंत्री स्तर तक की है। हालांकि वार्ता में सहमति बन गई थी शुक्रवार को बाड़मेर के शिव इलाके में स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में किसानों और कंपनी के बीच वार्ता हुई थी। इस दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी, प्रभावित किसान, कंपनी और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। इनकी वार्ता सफल रही थी। यह सहमति बनी थी कि कंपनी किसानों को उनका पूरा हक देगी। इलाके के किसानों ने इसे संघर्ष की बड़ी जीत बताया था। बाड़मेर-जैसलमेर में 35 से ज्यादा कंपनियां काम कर रहीं बाड़मेर-जैसलमेर में अक्षय ऊर्जा के तहत सोलर और विंड एनर्जी से जुड़े दो बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें हाईटेंशन, सोलर एंड विंड की एबी, स्ट्रेलिंग, सुजोलोन, एम्पाउर, रिन्यू, अडाणी सहित 35 से ज्यादा कंपनिया काम कर रही हैं।शुक्रवार हाईटेंशन लाइनों का काम कर रही एबी कंपनी के साथ किसानों की सहमति बनी थी। फिलहाल सहमति बनने के बाद किसी कंपनी का काम अटका हुआ नहीं है।


