रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में हाल ही में हुए आगजनी कांड के बाद खतरा बताते हुए अधजले भवन को गिरा दिया था। लेकिन अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की गई है। इसे गंभीर और चिंताजनक बताते हुए एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने DEO कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के लिए CBI या SIT जांच की मांग की है। एनएसयूआई का कहना है कि आगजनी के बाद जिस तरह साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश हुई, उससे स्थानीय स्तर की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। FSL की टीम भी पहुंची इस विरोध प्रदर्शन के बीच FSL की टीम भी पहुंची थी। टीम ने पूरे भवन की बारीकी से जांच की है। इस दौरान हादसे वाले स्पॉट को नो एंट्री जोन मार्क किया गया था। FSL की टीम ने मौके से कुछ चीजों को पैक कर लैब में भी भेजा है। हजारों अहम फाइलें जलकर राख आगजनी में मध्यान्ह भोजन में कथित चोरी से जुड़े दस्तावेज, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित हजारों शिकायतें, निजी और गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की फाइलें, नौकरियों के आवेदन सहित बड़ी मात्रा में कागजात जलकर नष्ट हो गए हैं। कड़ी कार्रवाई की मांग एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा,“यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह एक खतरनाक परंपरा बन जाएगी, जिसमें साक्ष्य मिटाकर जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश होगी। हम उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।” प्रदर्शन में ये रहे मौजूद प्रदेश महासचिव निखिल वंजारी, प्रदेश सचिव महताब हुसैन, विशाल कुकरेजा, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, शिवांक सिंह, विधानसभा अध्यक्ष अंकीत शर्मा, जिला महासचिव सेवा साहू, दिव्यांश श्रीवास्तव, यश सागर, प्रतीक ध्रुव, प्रियांशु सिंह, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष आलोक सिंह, अनिकेत गोड़, कृष सहारे, दुर्गेश, सौरभ, हर्ष, करण, जुबैर, ईश्वर, लोमश समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


