प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 12200 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। PM ने गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित देश की पहली रैपिड नमो भारत के तीसरे चरण का भी शुभांरभ किया। जहां नमो भारत ट्रेन तीसरे चरण में 13 किमी और बढ़कर दिल्ली के अशोक नगर तक अब सफर कर सकेंगे। शाम आनंद विहार और अशोक नगर स्टेशनों से भी आवागमन शुरू कर दिया। इससे पहले अक्टूबर 2023 में पीएम मोदी ने साहिबाबाद से दुहाई तक इसका शुभांरभ किया था। अब नमो भारत ट्रेन के 11 स्टेशनों से दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ का सफर 40 मिनट में पूरा कर सकेंगे। PM के साथ अलग-अलग स्कूल के बच्चों ने भी इस ट्रेन में साहिबाबाद से दिल्ली तक सफर किया। जिसमें बच्चों से यह भी पूछा कि आप भविष्य में क्या बनेंगे? PM नरेंद्र मोदी के साथ नमो भारत ट्रेन में सफर करने वाले छात्र -छात्राओं की पूरी कहानी पढ़िए… हड्डी के कैंसर से पैर गंवाने वाले अथर्व की कहानी दिल्ली के वसुंधरा एंकलेव निवासी डॉ मनीष तिवारी डेंटल सर्जन हैं। इनकी पत्नी डॉ. निशा तिवारी बाल रोग विशेषज्ञ हैं। दिल्ली के डॉक्टर दंपती के इकलौते बेटे अथर्व तिवारी ने भी पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नमो भारत ट्रेन में सफर किया। अथर्व अपनी मम्मी निशा के साथ व्हीलचेयर से साहिबाबाद पहुंचे। अथर्व ने कहा-जब मैं 6 साल का था, तब हड्डी का कैंसर हो गया, इससे मेरा एक पैर चला गया। उस समय मैं बहुत छोटा था, लेकिन मैं अपनी मम्मी और पापा को भगवान मानता हूं कि उन्होंने इसके बाद भी मुझे बचाया। आज भले ही मेरा एक पैर नहीं है, लेकिन मेरे सपनों की उड़ान में हमेशा मेरी मम्मी-पापा भी मेरे साथ हैं। मैं आज कक्षा 8 में पढ़ रहा हूं, भविष्य में डॉक्टर बनना चाहता हूं, जिससे दूसरों की सेवा भी कर सकूं। अथर्व ने कहा-मुझे पीएम मोदी सर के साथ सफर करके बहुत अच्छा लगा। PM ने मेरा नाम पूछा, फिर पूछा कि कौन सी कक्षा में पढ़ते हो। मैंने पीएम मोदी सर को अपने हाथ से बनी हुई पेटिंग भी दी। जिसके बाद मुझे लगा कि मेरा यह दूसरा जीवन मिला है। इस दिन को मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। अथर्व बोला- मैं देश के डिफेंस पर काम कर रहा हूं अथर्व ने कहा- मैं देश के डिफेंस पर काम कर रहा हूं, 30 से अधिक बार्डर लोकेशन पर भी जा चुका हूं। कैंसर से पीड़ित बच्चों की हेल्प अपनी मेहनत से करता हूं। हर महीने करीब 4 बच्चों की दवाई के लिए मदद करता हूं। करीब 40 हजार पौधे लगा चुका हूं। मेरा यह दूसरा जीवन देश के लिए समर्पित है। मैं पैरालंपिक सोसायटी के लिए भी काम करूंगा। भारतीय सेना से मुझे हिम्मत मिली है। 7 साल की उम्र में सेना ने यूनिफार्म दी थी। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नमो भारत ट्रेन में अथर्व की मां डॉ. निशा तिवारी भी साथ रहीं। बोलीं- पीएम मोदी ने हमसे और अथर्व से कहा, आप बहुत मेहनती हैं। कनिका से पीएम ने पूछा क्या बनना चाहती हो?
गाजियाबाद के मोदीनगर के पास अमीरपुर बड़ायला गांव निवासी कनिका चौधरी ने भी PM नरेंद्र मोदी के साथ नमो भारत ट्रेन में सफर किया। कनिका के पिता संजीव कुमार पेशे से किसान हैं और मां पूनम गृहिणी हैं। कनिका मेरठ कॉलेज से M.Ed की पढ़ाई कर रही हैं। कनिका ने कहा, मेरा सपना प्रोफेसर बनने का है। हम एक मध्यम परिवार से आते हैं और मैं चाहती हूं कि मैं बड़ी होकर अपना सपना पूरा करूं। अपने माता-पिता तथा अपने गांव का नाम रोशन करूं। कनिका के साथ ट्रेन में छोटी बहन अनुष्का चौधरी भी रहीं। कनिका ने कहा-पीएम नरेंद्र मोदी सर ने हमारा नाम पूछा। फिर हमारी एजुकेशन के बारे में पूछा कि आप किस डिपार्टमेंट से हैं। मैनें पीएम सर को बताया कि मैं डेवलपमेंट की छात्रा हूं। कभी पढ़ाई के दौरान सोचा नहीं था कि देश के प्रधानमंत्री के साथ ट्रेन में साथ यात्रा करने का मौका मिलेगा। जब मुझे पता चला-प्रधानमंत्री के साथ ट्रेन में सफर करने वालों में मेरा नाम है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं यही सोचती रही कि पीएम सर क्या पूछेंगे? अन्य छात्रों से भी नार्मलवे में पूछा। इस खुशी के बारे में बताया नहीं जा सकता। अवंतिका बोलीं-जो सोचा नहीं था, वह सपना पूरा हुआ हरिद्वार की रहने वाली अवंतिका बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा-नमो भारत ट्रेन में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ यात्रा करने के बारे में कभी सोचा नहीं था। कोई भी छात्र या छात्रा यह कल्पना में भी नहीं सोच सकता कि देश के प्रधानमंत्री के साथ सफर करने का मौका मिलेगा। लेकिन आज सब कुछ बदला हुआ था। जो सोचा नहीं था, वह सपना पूरा हुआ। ट्रेन में पीएम ने अलग अलग छात्रों से बातचीत की। किसी से नाम पूछा तो किसी की पढ़ाई के बारे में पूछा। जहां सभी ने अपने बारे में अलग अलग जानकारी दी। अवंतिका ने कहा कि मैं इंजीनियर बनना चाहती हूं, कॉलेज के शिक्षकों के साथ घर पर पेरेंटस को भी खुशी हुई। जितिशा ने कहा-खुशी को शब्दों में नहीं बता सकती
दिल्ली की रहने वाली जितिशा बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने भी पीएम के साथ ट्रेन में साहिबाबाद से दिल्ली तक सफर किया। जितिशा ने कहा कि मुझे ट्रेन में लगा कि यह सपना तो नहीं है, लेकिन सच कहूं तो यह मेरे लिए हकीकत है। जिस दिन के बारे में सोचा नहीं था, आज वह दिन हकीकत में बदल गया। इस खुशी को शब्दों में बता नहीं सकती। ट्रेन में अलग-अलग बच्चों से मोदी सर नाम और उनके डिपार्टमेंट के बारे में पूछ रहे थे। यह भी पूछा कि आप क्या बनोगे। जिसमें यह भी उन्होंने कहा कि मम्मी पापा बहुत मेहनत से पढ़ाते हैं। आप देश का भविष्य हैं। PM ने हमारे साथ सफर किया
बिहार के छपरा जिले के सारंग निवासी अनिल कुमार सिंह रैपिड ट्रेन के लिए काम कर रहे हैं। इस ट्रेन में श्रमिकों ने भी सफर किया। अनिल कुमार बताते हैं कि 14 साल से मैं इस पेशे में हूं। पेशा कोई भी हो, उसमें पूरी ईमानदारी व मेहनत करनी चाहिए। जो भी जिम्मेदारी कोई कंपनी या संस्था देती है उसे लग्न के साथ पूरी करनी चाहिए। जब इन स्टेशन का शुभारंभ हुआ था तो सोचा नहीं था कि देश के प्रधानमंत्री के साथ ट्रेन में यात्रा करने का मौका मिलेगा। दिन व रात काम करके समय से यह प्रोजेक्ट पूरा हुआ। हम सभी श्रमिकों के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं हो सकती कि प्रधानमंत्री के साथ हम ट्रेन में साथ थे। यह देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है। ………………………… ये खबर भी पढ़ें… मोदी ने टिकट खरीद कर नमो भारत में सफर किया:ट्रेन में बच्चों से बात की, मेरठ से दिल्ली अब 40 मिनट में पहुंच सकेंगे PM मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 13 किमी लंबे अतिरिक्त खंड का शुभारंभ किया। पीएम खुद टिकट लेकर नमो भारत ट्रेन में पहुंचे। वहां बच्चों से मिले। बच्चों ने उन्हें पेंटिंग गिफ्ट की। एक बच्ची ने उन्हें हिंदी में कविता सुनाई। हम तोड़ रहे हैं जंजीरें..हम बदल रहे हैं तकदीरें। ये नवयुग है, ये नव भारत है। हम खुद लिखेंगे अपनी तकदीर। इनॉगरेशन के दौरान पीएम मोदी को नमो भारत का ट्रेन मॉडल भी दिखाया गया। पढ़िए पूरी खबर


