मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक कर्मचारी की गुरुवार को अचानक मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने विभाग की एसडीओ श्रेया त्रिपाठी पर फोन पर धमकाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इसी फोन कॉल के बाद कर्मचारी की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। हालांकि एसडीओ ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सर्किट हाउस में टाइम कीपर थे 60 वर्षीय जगदीश श्रीवास छतरपुर स्थित सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग में टाइम कीपर के पद पर कार्यरत थे।परिजनों के अनुसार, जगदीश श्रीवास 19 दिसंबर से नियमित रूप से कार्यालय नहीं जा रहे थे और घर से ही काम कर रहे थे। इस दौरान वे केवल 9 जनवरी को एक बार कार्यालय गए थे। फोन कॉल के बाद बिगड़ी तबीयत परिजनों का आरोप है कि गुरुवार दोपहर करीब 2:20 बजे एसडीओ श्रेया त्रिपाठी का फोन जगदीश श्रीवास के पास आया। फोन पर ड्यूटी पर न आने को लेकर कथित तौर पर उन्हें डांटा गया और वेतन काटने की धमकी दी गई। यह बातचीत करीब 33 सेकंड तक चली। परिजनों का कहना है कि फोन कॉल के बाद जगदीश श्रीवास घबरा गए और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घर पर ही दी गई ऑक्सीजन जगदीश श्रीवास की बहू वंदना रजक ने बताया कि जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो घर में रखे ऑक्सोमीटर से ऑक्सीजन लेवल चेक किया गया, जो काफी कम था। इसके बाद ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से उन्हें ऑक्सीजन दी गई, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर शाम 5:22 बजे उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। SDO ने आरोपों से किया इनकार वहीं, PWD की SDO श्रेया त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने केवल यह पूछा था कि वे ड्यूटी पर क्यों नहीं आ रहे हैं। तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गई। उनके मुताबिक लगाए जा रहे आरोप निराधार और झूठे हैं। वहीं जब PWD के छतरपुर E आशीष भारती से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वे बीमार थे धमकी नहीं दी गई, किसी से भी जांच करा लीजिए।


