कनिष्ठ अभियंता (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के पेपर लीक के बाद 2021 में दोबारा कराई गई परीक्षा भी जगदीश गैंग ने लीक की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि अभ्यर्थियों से पहली परीक्षा का पेपर खरीदने के लिए पैसों में ही दूसरी परीक्षा का लीक पेपर भी उपलब्ध करा दिया गया। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी जांच में सामने आया कि दिसंबर 2020 की परीक्षा रद्द होने के बावजूद पेपर माफिया का नेटवर्क सक्रिय रहा। 12 सितंबर 2021 को पुनः परीक्षा का प्रश्नपत्र भी गिरोह के पास पहुंच गया और चुनिंदा अभ्यर्थियों को पढ़ाया गया। ऐसे खुला मामला; पहली परीक्षा में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में शक हुआ कि वे दोबारा परीक्षा में भी कैसे सफल हुए। जांच में गणपतलाल विश्नोई (34) निवासी सांचौर-जालौर का नाम सामने आया। उसको लीक पेपर से परीक्षा पास कराई गई थी। उसने मेरिट में 12वां स्थान हासिल किया और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी में सहायक अभियंता नियुक्त हो गया। पदोन्नत भी हो गया। आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था, रिमांड पर है। गैंग ने परीक्षा के लीक पेपर कई अभ्यर्थियों को बेचे थे मामला सामने आने के बाद एसओजी ने 19 जनवरी 2025 को नया मामला दर्ज किया। जिसमें आरोपी जगदीश विश्नोई निवासी सांचौर-जालौर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने गणपतलाल को 12 सितंबर 2021 को दूसरी बार हुई परीक्षा में परीक्षा का लीक पेपर देना स्वीकार किया। उसने साथियों के साथ पेपर लीक कर कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की बात मानी है। एसआई भर्ती-2021 में भी इसी गैंग का हाथ सामने आया एडीजी एसओजी विशाल बंसल का कहना है कि एसआई भर्ती परीक्षा (सितंबर 2021) के पेपर लीक में भी यही गिरोह सक्रिय था। यानी प्रदेश में कई बड़ी भर्तियों को एक ही नेटवर्क ने बिगाड़ी है। एसओजी अब पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों के लाभ निरस्त कराने की कार्रवाई में जुटी है।


