भरतपुर के राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल में दो नर्सिंग ऑफिसर में जमकर लात घूंसे चले। दोनों नर्सिंग ऑफिसर अपने रिश्तेदार की ड्यूटी को लेकर आपस में भिड़े थे। हालांकि अभी किसी ने भी एक दूसरे के खिलाफ शिकायत नहीं दी है। इस घटना के अस्पताल के कर्मचारियों ने एक दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भामाशाह काउंटर पर ड्यूटी से शुरू हुआ विवाद नर्सिंग ऑफिसर भूदेव शर्मा ने बताया कि मैं अपनी ड्यूटी समय पर आ गया था। भामाशाह काउंटर पर कोई नहीं था। अस्पताल में भामाशाह प्रभारी अभय प्रताप नाम का एक नर्सिंग ऑफिसर है। मैंने उससे कहा भामाशाह की क्या समस्या है रोजाना आये दिन शिकायतें आती हैं। तभी अभय प्रताप ने भूदेव से कहा की तू कौन होता है बीच में बोलने वाला। भूदेव की एक रिलेटिव अस्पताल में ही नौकरी करती है। अभय ने भूदेव की रिलेटिव के बारे में कहा आज वह 9 बजकर 5 मिनट पर अस्पताल आई है। दोनों नर्सिंग ऑफिसर ने एक दूसरे पर पीटा जब भूदेव ने अभय को टोका तो, अभय भूदेव को चौथी मंजिल पर ले गया है वहां पर अभय प्रताप ने भूदेव के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब भूदेव नीचे आने लगा तब भी अभय ने उसे पीटा। इतने में आयुष्मान की नोडल मैडम डॉ. निर्मला सिंह वहां आ गई। डॉ. निर्मला बोली मैं अभय का स्पोर्ट करूंगी। यह अस्पताल में ऐसे ही दादागिरी करेगा। नोडल ऑफिसर ने भी कंप्यूटर ऑपरेटर को दी गालियां वहीं भूदेव शर्मा की रिलेटिव यदु शर्मा कम्प्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि मैं आज सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर अस्पताल आ गई थी। जिसके बाद मैं काउंटर खोलकर अपना काम करने लगी। 9 बजकर 47 मिनट पर अभय प्रताप ने मुझे मैसेज किया कि पांचवें फ्लोर पर कोई कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं हैं और काउंटर भी बंद है। यदु शर्मा ने अभय प्रताप को मैसेज किया कि यह कौन कह रहा है इंचार्ज से मेरी बात करवा दीजिए। इसके तुरंत बाद नोडल अधिकारी डॉ. निर्मला सिंह का मेरे पास फोन आया। वह मुझे गले देते हुए कहने लगी कि तू काउंटर पर नहीं है तेरे में थप्पड़ लगाउंगी तू जब सुधरेगी। स्टाफ लड़कियों पर रखता है गंदी नजर जिसके बाद यदु शर्मा नोडल अधिकारी के पास पहुंची। तभी वह यदु शर्मा को रास्ते में मिल गई और गालियां देने लगी। निर्मला सिंह सभी को गालियां देती हैं। सारा स्टाफ उनसे परेशान है। वह कई लोगों की शिकायत कर चुकी हैं। तभी वह अभय प्रताप का फेवर करने लगी। अगर कोई ऑब्जेक्शन करता है तो, निर्मला सिंह गलत-गलत आरोप लगाती हैं। वह कहती हैं कि PMO पैसे खाता है। निर्मला खुद न समय पर आती है और समय से पहले चली जाती हैं। अस्पताल में चंद्रशेखर नाम का व्यक्ति है वह लड़कियों पर गलत निगाह रखता है।


