RCA में खिलाड़ियों के सिलेक्शन पर शुरू हुआ विवाद:भरतपुर सचिव ने एडहॉक कमेटी पर लगाए गंभीर आरोप, यादव बोले- नियमों के तहत हुआ सिलेक्शन

राजस्थान क्रिकेट में खिलाड़ियों के सिलेक्शन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अंडर-23 टीम में सौरव गोदारा के सिलेक्शन को लेकर राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं एडहॉक कमेटी द्वारा बनाई गई ऑब्जरवेशन कमेटी को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। दरअसल, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा अंडर – 23 टीम में सौरव गोदारा नाम के खिलाड़ी को शामिल किया गया है। जो मौजूदा सीजन में भरतपुर से NOC लेकर अलवर जिला क्रिकेट संघ से खेल रहा है। लेकिन इस खिलाड़ी के सिलेक्शन को लेकर अब भरतपुर जिला क्रिकेट संघ ने मोर्चा खोल दिया है। भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवाड़ी ने कहा कि अनुशासनहीनता में पिछले दिनों भरतपुर जिला क्रिकेट संघ द्वारा चार खिलाड़ियों पर बैन लगाया गया है। जिसमें सौरव गोदारा के साथ ही राजू सिंह, तनिक और हर्ष मीणा पर तीन साल का बैन लगाया लगा है। बावजूद इसके राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर सौरव जो चैलेंजर टूर्नामेंट का नॉन परफॉर्मर है, उसे अंडर 23 टीम में शामिल कर लिया गया है। जिसकी जानकारी एडहॉक कमेटी द्वारा बनाई गई ऑब्जरवेशन कमेटी को भी नहीं दी गई। बस एडहॉक कमेटी द्वारा पैराशूट के माध्यम से भ्रष्टाचार कर सौरव को टीम में जगह दे दी गई। जिससे भरतपुर जिला क्रिकेट संघ की छवि धूमिल हो रही है। यह एडहॉक कमेटी की तानाशाही है। अलवर जिला क्रिकेट संघ के सचिव पवन गोयल ने कहा कि इस पूरे सीजन में भरतपुर से नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने के बाद सौरव अलवर से खेल रहा है। इस सीजन में वह काफी अलग-अलग टूर्नामेंट खेल भी चुका है। जिसमें उसकी परफॉर्मेंस काफी शानदार रही है। जिसके बाद सिलेक्टर्स की रिकमेंडेशन पर उसे 23 टीम में शामिल किया गया है। लेकिन कुछ जिला क्रिकेट संघ बेवजह विवाद पैदा करने के लिए इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं। गोयल ने बताया कि सौरव का अंडर 23 टीम में काफी पहले सिलेक्शा हो गया था। लेकिन बीसीसीआई रजिस्ट्रेशन ना होने की वजह से टीम में जुड़ नहीं पा रहा था। अब बीसीसीआई रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया होने के बाद सौरव को टीम में जोड़ा गया है। जिसको लेकर ऑब्जर्बर कमेटी की परमिशन पहले ही मिली हुई थी उन्होंने कहा कि मौजूदा सीजन में गोदारा अलवर से खेल रहे हैं। ऐसे में भरतपुर से फिलहाल उनका कोई नाता नहीं है, इसलिए भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को गोदारा पर बैन लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने जो बैन भी लगाया है, वह बैन मौजूदा सीजन के लिए नहीं बल्कि, 2026 से 2029 तक के लिए है, यह भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के आदेश में भी लिखा हुआ है। लेकिन बेवजह विवाद पैदा करने के लिए और एक योग्य खिलाड़ी का भविष्य खराब करने के लिए भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी निराधार आरोप लगा रहे हैं। जो क्रिकेट और खिलाड़ियों के लिए ठीक नहीं है। अलवर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और एडहॉक कमेटी सदस्य मोहित यादव ने बताया कि भरतपुर जिला क्रिकेट संघ द्वारा लैटर प्राप्त हुआ था। जिसमें बताया गया कि 2026-27, 2027-28 और 2028-29 सैशन के लिए उन्होंने 4 खिलाड़ियों को बैन कर दिया है। इस मामले की RCA द्वारा जांच की जा रही है। क्योंकि हमें खिलाड़ियों से भी शिकायत मिली थी कि उन पर लगाए गए बैन फर्जी तरीके से लगाए गए हैं। वैसे भी सौरभ गोदारा अलवर से एनओसी लेकर खेल रहा है। तो अब वो अलवर का खिलाड़ी है। मौजूदा सीजन में भरतपुर को उसपर कार्रवाई का कोई भी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह किसी खिलाड़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ की कोशिश की जा रही है। जो नहीं होनी चाहिए यह क्रिकेट के लिए ठीक नहीं है। एडहॉक कमेटी के सदस्य पिंकेश जैन ने कहा कि राजस्थान की सभी टीमों का सिलेक्शन एडहॉक कमेटी द्वारा गठित की गई सिलेक्शन कमेटी के माध्यम से ही किया जाता है। इसके साथ ही सिलेक्शन कमेटी के बाद ऑब्जरवेशन कमेटी के पास भी खिलाड़ियों की लिस्ट जाती है। जिसमें बहुमत के आधार पर ही अंतिम फैसला किया जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों के सिलेक्शन में एडहॉक कमेटी की भूमिका को लेकर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। ऑब्जरवेशन कमेटी के सदस्य सोमेंद्र तिवाड़ी ने कहा कि अंडर 23 टीम में सौरव गोदारा को लेने का कोई प्रस्ताव सिलेक्टर्स द्वारा ऑब्जरवेशन कमेटी के पास नहीं आया है, न ही इस पर किसी तरह का कोई फैसला ऑब्जरवेशन कमेटी द्वारा लिया गया है। ऐसे में ऑब्जरवेशन कमेटी द्वारा सौरव के सिलेक्शन को लेकर जो भी बात कही जा रही है, वह पूरी तरह गलत है।

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