राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का शनिवार से आगाज हो गया। पहले दिन लेवल वन सामान्य शिक्षा की परीक्षा झुंझुनूं जिला मुख्यालय सहित बगड़ और नवलगढ़ में निर्धारित केंद्रों पर एक ही पारी में कराई जा रही है। सुबह 8 बजे से प्रवेश शुरू हुआ, जबकि बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार 9 बजे सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। परीक्षा को लेकर जिलेभर में सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम सख्त रखे गए हैं। सुबह से ही केंद्रों पर उमड़ी भीड़ झुंझुनूं शहर सहित बगड़ और नवलगढ़ में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। झुंझुनूं शहर के जेपी स्कूल सहित अन्य केंद्रों पर प्रवेश के लिए लंबी लाइनें लगी रहीं। मेटल डिटेक्टर से जांच, सघन तलाशी बोर्ड के निर्देशों के तहत प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के कैंपस में प्रवेश दिया गया। किसी भी प्रतिबंधित वस्तु को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। 9 बजे बंद हुए गेट, देरी वालों को नहीं मिला प्रवेश परीक्षा नियमों की सख्ती का असर यह रहा कि सुबह 9 बजे ठीक सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि एक मिनट की देरी होने पर भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके चलते कई अभ्यर्थियों को केंद्र के बाहर ही रुकना पड़ा। जिले में 12 हजार अभ्यर्थी, 39 केंद्र बनाए जिले में लेवल वन परीक्षा के लिए करीब 12 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के संचालन के लिए झुंझुनूं शहर, बगड़ और नवलगढ़ में कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक परीक्षा लेवल वन सामान्य शिक्षा की परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 12.30 बजे तक चलेगी। परीक्षा एक ही पारी में आयोजित की जा रही है। कार्बन कॉपी और बुकलेट ले जाने की अनुमति इस बार बोर्ड ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र की बुकलेट और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी अपने साथ ले जाने की अनुमति दी है। इससे अभ्यर्थी बाद में अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे। प्रशासन अलर्ट, उड़न दस्तों की निगरानी परीक्षा को नकल मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। उड़न दस्तों द्वारा लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस जाब्ता हर केंद्र पर तैनात है। रोडवेज बसों में अतिरिक्त इंतजाम बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज बसों में अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी अभ्यर्थी को आवागमन में परेशानी न हो।


