बीजापुर में शिक्षा विभाग के RMSA में करोड़ों की सामग्री सप्लाई गड़बड़ी मामले में आखिरकार जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने जिले के चारों ब्लॉकों के 24 अधीक्षकों को पद से हटा दिया है। उनकी जगह पर नए अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी। एसडीएम की जांच में सामने आया कि, बिना भंडार क्रय नियम और टेंडर प्रक्रिया का पालन किए ही चारों ब्लॉकों के 26 पोटाकेबिनों में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए से ज़्यादा का भुगतान कर दिया गया था। मामले में अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संकेत मिले हैं कि अधीक्षकों पर भी FIR दर्ज हो सकती है। जांच में खुली परतें बीजापुर, भोपालपटनम, भैरमगढ़ और उसूर के अनुविभागीय अधिकारियों ने कुल 26 उन्नयित पोटाकेबिनों की जांच की। जिनमें से बीजापुर और भोपालपटनम अनुभाग के 11 पोटाकेबिनों में फर्जी भुगतान के प्रमाण मिले। इस जांच के बाद बीजापुर कलेक्टर ने भैरमगढ़ और उसूर विकासखंड के पोर्टाकेबिनों की जांच की। जिसमे भुगतान प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई। अब इन अधीक्षकों पर भी FIR की तलवार लटक रही है। बीजापुर, भोपालपटनम ब्लॉक की जांच में उजागर भुगतान विवरण बीजापुर ब्लॉक से कृत्विक इंटरप्राइजेस, SB कंस्ट्रक्शन, विमला इंटरप्राइजेस-26,60,715/-भोपालपटनम ब्लॉक से वही तीन फ़र्म ₹16,17,760/-कुल—₹42,78,475/- भैरमगढ़ और उसूर अनुभाग में बिल संलग्न पाए गए और भुगतान प्रक्रिया संतोषजनक नहीं पाई गई। किस RMSA हॉस्टल से कितना हुआ भुगतान बीजापुर ब्लॉक बालिका पोटाकेबिन हॉस्टल बीजापुर – 568504 लाख, पोटाकेबिन बालक हॉस्टल चिन्नाकोडेपाल- 370090 लाख, पोटाकेबिन बालक आश्रम तोयनार- 647238 लाख, चेरपाल- 483203 लाख, गंगालूर- 469280 लाख, बालिका पोटाकेबिन नैमेड – 394902 लाख। भोपाल पटनम ब्लॉक RMSA हॉस्टल और राशि बालक पोटाकेबिन आश्रम तारलागुडा- 470564 लाख, बालिका पोटाकेबिन तारलागुडा- 313700 लाख, बालक पोटाकेबिन हॉस्टल संड्रापल्ली- 231202 लाख, बालिका पोटाकेबिन आश्रम संगमपल्ली- 459357 लाख, बालक पोटाकेबिन आश्रम पेगड़ापल्ली- 344088 लाख।


