मुरैना पुलिस लाइन में 264 कारतूस चोरी होने की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद विशेष सशस्त्र बल (SAF) ने अपने हथियारों की सुरक्षा खुद संभालने का निर्णय लिया है। SAF ने पुलिस लाइन में अपने कोतो (हथियार खाने) की सुरक्षा के लिए एक दरोगा और चार सशस्त्र सिपाहियों का अलग गार्ड तैनात कर दिया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब SAF और जिला पुलिस बल अपने-अपने हथियारों की सुरक्षा स्वयं करेंगे। बता दें कि, करीब 10 दिन पहले मुरैना पुलिस लाइन में SAF के दो कोतो के ताले टूटे हुए पाए गए थे। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों कोतो से 264 कारतूस गायब थे। इस घटना ने जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया। आईजी सुशांत कुमार सक्सेना ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए पांचवी और दूसरी बटालियन के दो कंपनी कमांडरों, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। चोरी का सुराग नहीं 264 कारतूसों की चोरी के बाद पुलिस विभाग और SAF ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन अभी तक न तो चोरी हुए कारतूसों का कोई सुराग मिल सका है और न ही घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान हो पाई है। यह स्थिति पुलिस विभाग के लिए गंभीर चुनौती बन गई है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। इस घटना के बाद SAF ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया। अब SAF के कोतो की सुरक्षा के लिए एक दरोगा और चार सशस्त्र सिपाही 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। SAF के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि उसे अब जिला पुलिस बल की सुरक्षा पर भरोसा नहीं रहा। जिला पुलिस और SAF करेंगे अलग-अलग सुरक्षा SAF और जिला पुलिस बल ने अपने-अपने हथियारों की सुरक्षा अलग-अलग संभालने का फैसला लिया है। रक्षित निरीक्षक, पुलिस लाइन मुरैना, कनक सिंह चौहान ने बताया, “SAF ने अपने कोतो की सुरक्षा के लिए अपना गार्ड तैनात किया है। वहीं, जिला पुलिस बल अपने हथियार खाने की सुरक्षा खुद कर रहा है। क्वार्टर गार्ड ड्यूटी पर निगरानी रखी जा रही है।”


