गुना शहर की 26वीं बटालियन SAF में पदस्थ एक आरक्षक ने दूसरे आरक्षक की बेटी से छेड़खानी कर दी। वह जबरदस्ती युवती की स्कूटी पर बैठ गया। जब पास मौजूद लोगों और अन्य जवानों ने युवती को बचाया, तो आरोपी आरक्षक ने उलटा बचाने वालों पर ही मारपीट और SC-ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवा दी। मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। कैंट इलाके में रहने वाली 21 वर्षीय पीड़ित युवती ने 14 दिसंबर को FIR दर्ज करवाई। उसने पुलिस को बताया कि घटना 9 दिसंबर की रात 9.30 बजे की है। मैं मम्मी की दवाई लेकर ऊपरी बाजार से घर लौट रही थी। जामा मस्जिद के पास खंडहर के सामने रोड पर 26वीं वाहिनी का सिपाही देवेंद्र सिंह मेरी एक्टिवा के सामने हाथ फैलाकर खड़ा हो गया। मैं घबरा गई और गाड़ी साइड से निकालने लगी, तो उसने पीछे से हैंडल पकड़ लिया। वह बोला- ‘कितने आगे तक जाएगी, मैं यहीं हूं।’ वह जबरदस्ती गाड़ी पर बैठ गया और गलत हरकतें करने लगा। मेरे चिल्लाने पर उसने मेरा मुंह पकड़ लिया और जान से मारने की धमकी दी। चीख सुनकर लोगों ने बचाया। युवती की आवाज सुनकर मौके पर अंकित भदौरिया, नरेंद्र कुशवाह और अन्य लोग आ गए। उन्होंने आरोपी को पकड़ा और उसकी पिटाई कर दी। मां की बीमारी से देरी से हुई रिपोर्ट
पीड़िता ने बताया कि मां की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह तुरंत थाने नहीं जा सकी। 12 दिसंबर को बड़ी बहन के सागर से आने पर एसपी ऑफिस में आवेदन दिया। इसके बाद 14 दिसंबर को मां की तबीयत में सुधार होने पर थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी देवेंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। आरोपी जवान बोला- निजी काम नहीं किया तो गुंडे बुलवाकर पिटवाया दूसरी तरफ, खुद पर छेड़खानी की FIR होने के बाद आरोपी आरक्षक देवेंद्र सिंह 16 दिसंबर को जिला अस्पताल में भर्ती हो गया। उसने युवती को बचाने आए लोगों पर क्रॉस केस दर्ज कराया है। देवेंद्र का कहना है कि विवाद की जड़ ‘निजी काम’ है। उसने पुलिस को बताया कि 9 दिसंबर को वह टोस्ट लेने जा रहा था। तभी विभाग के ही एक कर्मचारी ने उसे कुछ सामान लाने का आदेश दिया। पत्नी से अभद्रता का आरोप, बचाने वालों पर केस दर्ज देवेंद्र ने आरोप लगाया कि जब उसने निजी काम करने से मना किया, तो वे नाराज हो गए। इसके बाद गुंडे बुलवाकर उस पर हमला करवा दिया। देवेंद्र का कहना है कि बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। पुलिस ने देवेंद्र की पत्नी की शिकायत पर अंकित, नरेंद्र और एक अन्य आरक्षक समेत अन्य लोगों पर मारपीट और SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।


