भारत निर्वाचन आयोग के सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग ने कोंडागांव जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के कार्यों का निरीक्षण किया। 15 जनवरी को निरीक्षण के दौरान गर्ग ने सबसे पहले एसडीएम कार्यालय केशकाल में विधानसभा क्षेत्र केशकाल के एसआईआर के तहत ‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ से संबंधित दावा-आपत्ति सुनवाई का जायजा लिया। उन्होंने सुनवाई के लिए पहुंचे नागरिकों और बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने कोंडागांव के बंधा तालाब गार्डन में आयोजित एसआईआर के विशेष कैंप का अवलोकन किया। यहां भी उन्होंने शिविर में आए नागरिकों, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और बीएलओ से चर्चा की। फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 भी भरे गए इस विशेष शिविर में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6, मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 और नामों में त्रुटि सुधार के लिए फॉर्म 8 भरे गए। साथ ही, बीएलओ द्वारा मतदाताओं के पुराने फोटो अपडेट किए गए और ‘नो मैपिंग’ व ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में नगरवासियों ने इस शिविर का लाभ उठाया। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर भोस्कर विलास संदीपन, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ अजय उरांव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बस्तर पंडुम का भव्य शुभारंभ कोंडागांव जिले में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को संरक्षित करने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 15 जनवरी को जिला मुख्यालय स्थित कनेरा रोड के ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव बस्तर की जनजातीय जीवनशैली, लोककला, परंपरा और विरासत को एक मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम के पहले दिन वन औषधियों का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्थानीय वनोपज और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को दर्शाया गया। विभिन्न जनजातियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य और जनजातीय वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाज की पहचान, गौरव और आत्मसम्मान को सशक्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है, वहीं युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिल रही है। संभाग स्तरीय युवा संसद, 7 जिलों के युवाओं ने लिया भाग कोंडागांव जिले में शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ऑडिटोरियम में गुरुवार (15 जनवरी) को संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कोंडागांव जिले ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। बस्तर संभाग के सातों जिलों से आए प्रतिभागियों ने संसदीय कार्यप्रणाली का जीवंत मंचन प्रस्तुत किया।प्रतियोगिता का परिणाम रोमांचक रहा, जिसमें सुकमा जिले ने दूसरा स्थान हासिल किया। सुकमा के युवाओं ने अपनी तार्किक क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, कांकेर जिले ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।इस आयोजन में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और कोण्डागांव – के 40-40 प्रतिभागियों के दल ने हिस्सा लिया। कुल 280 युवाओं ने संसद की कार्यवाही, प्रश्नकाल और विधायी प्रक्रियाओं को मंच पर बखूबी प्रस्तुत किया।


