देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। भारत निर्वाचन आयोग इस एसआईआर प्रक्रिया की हर दिन मॉनिटरिंग कर रहा है और अधीनस्थों को निर्देश जारी कर रहा है। एसआईआर प्रक्रिया वर्किंग के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी रैंकिंग भी जारी कर रहे है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी रैंकिंग के आधार पर छत्तीसगढ़ एसआईआर प्रक्रिया करने के मामले में 10वें नंबर पर है। सबसे ज्यादा अच्छा परफार्मेंस करने वाले राज्यों में लक्षद्वीप पहले नंबर पर है। चुनाव आयोग द्वारा 25 नवंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश के राज्य 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की डिजिटाइज प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ 10वें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ में 99.23 प्रतिशत फॉर्म वितरित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 10 लाख 68 हजार 201 मुद्रित गणना फॉर्म है। इनमें से 99.23 प्रतिशत फॉर्म का वितरण हो चुका है। इनमें से 1 करोड़ 22 लाख 88 हजार 158 यानि 57.88 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके है। 50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 54 लाख 82 हजार 771 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इनमें से चार करोड़ 28 करोड़ 71 लाख 68 हजार 921 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 56.34 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 99.16 है। क्या है गणना पत्रक चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है। इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा। अब पढ़े किस राज्य में कितना प्रतिशत काम हुआ


