स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने FMGE परीक्षा पास करने का फेक सर्टिफिकेट देने वाले विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त किए दो डॉक्टर को अरेस्ट किया है। एसओजी ने मामले में मेन आरोपी डॉक्टर को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा। एसओजी से बचने के लिए वह 5 देशों में घूम-घूमकर फरारी काट रहा था। एसओजी की ओर से मामले में अन्य 73 विदेश से MBBS की डिग्री लेकर आए डॉक्टरों की भूमिका की जांच कर रही है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- मामले में आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू (30) निवासी बर ब्यावर हाल जनकपुरी-द्वितीय ज्योति नगर और इंद्रराज सिंह गुर्जर (27) निवासी दौसा कोतवाली को अरेस्ट किया गया है। मामले में आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू मेन आरोपी है। एसओजी की ओर से मामला दर्ज कर तीन आरोपी डॉक्टर को अरेस्ट किया था। इस बारे में पता चलने पर मेन आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू फरार हो गया। एसओजी से बचने के लिए भानाराम माली उर्फ भानू फरारी के दौरान खुद को अरेस्ट होने से बचाने के लिए इंडिया से थाईलैण्ड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान, नेपाल आदि देशों में छिपता रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की सूचना पर एसओजी ने 2 फरवरी को आरोपी भानाराम माली को धर-दबोचा। तीन साथियों को किया था अरेस्ट
फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) की स्क्रीनिंग टेस्ट एग्जाम पास करने के लिए फेक सर्टिफिकेट मामले में एसओजी की ओर से मामला दर्ज किया गया था। पूर्व में विदेश से MBBS डिग्री लेने वाले डॉक्टर पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर और शुभम गुर्जर को अरेस्ट किया गया था। इसमें मेन आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू फरार हो गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू खुद भी विदेश से MBBS की डिग्री लेकर डॉक्टर है। उसने पूर्व में अरेस्ट पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर और शुभम गुर्जर से रुपए लेकर उन्हें FMGE एग्जाम का फेक स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट दिलवाया था। जिसके आधार पर तीनों आरोपियों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया। विदेश से 73 कैंडिडेट डिग्री लेकर आए
जांच में ये भी सामने आया कि करीब 73 ऐसे कैंडिडेट है। जिन्होंने विदेश से MBBS की डिग्री प्राप्त की थी, लेकिन FMGE परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी। उनके लिए भी इसी तरह फेक FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार कराकर RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किए गए। एसओजी की ओर से 4 फरवरी को एक ओर नया मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान इंद्रराज सिंह गुर्जर के विदेश से MBBS की डिग्री लेकर डॉक्टर होने का पता चला। उसके कजाकिस्तान से MBBS की डिग्री प्राप्त करने के बाद खुद के नाम से दिसम्बर-2022 का फेक FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट रुपए देकर आरोपी भानाराम से लेना सामने आया। इसके अधार पर उसने RMC में इंटर्नशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज अलवर से पूरी कर प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया। आरोपी इंद्रराज सिंह ने इसी कॉन्टैक्ट के जरिए अन्य कैंडिडेंट को भी रुपए लेकर फेक सर्टिफिकेट दिलवाए। एसओजी की ओर से आरोपी इंद्रराज सिंह गुर्जर को गुरुवार रात दौसा से अरेस्ट किया गया।


