TAT फैसलों को प्रभावित कर रहा था रिश्वत रैकेट:CBI की FIR में लम्बी लिस्ट, बिल्डर्स-सीए के नाम भी शामिल

आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) में फैसलों को प्रभावित करने के लिए एक कथित बड़ा रिश्वत रैकेट चल रहा है। CBI की ओर से बुधवार को रिश्वतकांड में 5वीं गिरफ्तारी की गई। CBI ने अरेस्ट किए असिस्टेंट रजिस्ट्रार के.सी.मीना को कोर्ट में पेश कर 5 दिसम्बर तक रिमांड पर लिया है। CBI की ओर से दर्ज की गई FIR में 12 से अधिक लोगों के नाम है। CBI लिस्ट में शामिल बिल्डर्स-सीए की तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि ITAT में फैसलों को प्रभावित करने के लिए पैसों का लेन-देन होता था। पूछताछ में जज डॉ. एस.सीतालक्ष्मी, एडवोकेट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया और अकाउंटेंट-मेंबर कमलेश राठौड़ के बीच हुए कथित लेन-देन से जुड़े अहम सबूत मिले। आरोपियों से जब्त किए इलेक्ट्रॉनिक और डॉक्यूमेंट सबूतों की इनकी पुष्टि हुई। CBI की ओर से रिश्वतकांड में बुधवार को ITAT के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के.सी.मीना को अरेस्ट किया गया। कोर्ट में पेश करने पर आरोपी के.सी.मीना को 5 दिसम्बर तक CBI रिमांड पर भेज दिया गया। CBI पिछले दो दिनों से आरोपी के.सी.मीना से लगातार पूछताछ कर रही थी। इनके खिलाफ दर्ज है FIR
ITAT जयपुर के राजेन्द्र सिसोदिया, असिस्टेंट रजिस्ट्रार के.सी.मीना, सीए गौरव जैन, मनीष शर्मा व सुहानी महारावल और यश अक्षय बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अलौकिक जैन व शोभित काला और यश अक्षय बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्ट मनीष धारीवाल व यश अक्षय बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कोटा, कोटा निवासी मुजम्मिल व भिवाड़ी के प्रवीण लांबा के साथ अन्य पब्लिक-प्राइवेट व्यक्तियों के नाम FIR में शामिल किए गए है। ITAT में न्यायिक फैसले करवाने में गिरोह और मेंबर्स का पिछले काफी समय से बड़ा खेल चल रहा था। हवाला के जरिए ITAT मेंबर घूस की काली कमाई लेते थे। FIR में दर्ज आरोपी बनाए सीए-बिल्डर्स की CBI तलाश कर रही है। मामले में अभी कई गिरफ्तारी होना बाकी है।

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