स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- रजिस्ट्री से सरकार को राजस्व मिलता है। भारत एक ऐसा देश है, जहां ताजमहल से लेकर लाल किले तक की रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। नागौर नगरपरिषद क्षेत्र में सरकारी जमीनों के अवैध पट्टे बांट दिए गए। जांच पूरी होने के बाद पट्टे निरस्त किए जाएंगे। दोषी अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री झाबर सिंह खर्रा सिंह रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे थे। इस दौरान सर्किट हाउस में ठहरे। ‘मतदाता भी भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार’ मंत्री ने कहा- नगरपरिषद का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इस दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली ने शहर के विकास को भारी नुकसान पहुंचाया है। आज नगरपरिषद की जो स्थिति है, उसके लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ही इन जनप्रतिनिधियों को चुना था। अगर सुधार चाहिए, तो आने वाले चुनावों में सही और योग्य उम्मीदवार का चयन बेहद जरूरी है। आवासन मंडल की जमीन से हटवाया अतिक्रमण मंत्री ने कहा- बोर्ड की बैठक में एक प्रस्ताव के जरिए संसाधनों की बंदरबांट की गई थी। सरकार के निर्देश पर स्वायत्त शासन विभाग ने बैठक के सभी प्रस्तावों को निरस्त कर दिया था। इसके बाद यह शिकायत सामने आई कि राजस्थान आवासन मंडल की भूमि पर तारबंदी कर अतिक्रमण किया गया, जिसे प्रशासन ने हटवा दिया। इसके अलावा गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों की जांच की जा रही है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होते ही अवैध पट्टे निरस्त किए जाएंगे और जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कराई जाएगी।


