सिटी रिपोर्टर | बोकारो कला-संगीत के क्षेत्र में विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा निखारकर उसे उचित मंच देने के उद्देश्य से डीपीएस बोकारो की सीनियर इकाई में चल रहे चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव तरंग का तीसरा दिन गुरुवार भी खास रहा। अंतर सदन समूहगान प्रतियोगिता में बाल कव्वालों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया। विद्यालय के सभी छह सदनों की टीमों ने एक से बढ़कर एक कव्वालियों की झड़ी लगा दी और पूरा माहौल सूफियाना इबादत के रंग में रंगा रहा। शुरुआत गंगा हाउस की टीम ने तू ही तू… की ऊर्जावान प्रस्तुति से की। इसके बाद क्रमशः झेलम सदन की टोली ने नित खैर मंगा सोणेया दी तेरी…, चेनाब हाउस के बच्चों ने अलबेला साजन…, जमुना की टीम ने दमादम मस्त कलंदर…., रावी हाउस के विद्यार्थियों ने छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाई के… और अंत में सतलज के कव्वालों ने आजा तेनु अखियां उडीक दिया, सजणा तेनु अखियां उडीक दिया…की बेजोड़ पेशकश से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिभागियों के साथ हारमोनियम पर संगीत शिक्षक विक्की पाठक व शुभोजित मिश्रा, तबले पर भास्कर रंजन डे एवं गिटार पर मृत्युंजय भट्टाचार्जी ने कुशल संगत की। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर सतलज सदन प्रथम, झेलम द्वितीय व गंगा तथा जमुना हाउस तृतीय स्थान पर रहे। निर्णायक मंडली में शिक्षक जयप्रकाश सिन्हा, नीलम सिंह और मयंक कुमार भक्ता शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने कहा कि संगीत का यह माध्यम जीवन में झूमकर मस्ती के साथ जीने का संदेश देता है। महान इंसान नाकामी से ही ऊपर उठकर मिसाल बना है।


