सिटी रिपोर्टर | बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को सदर अस्पताल के मातृ शिशु वार्ड में बधाई हो बेटी हुई है, कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुरूआत उपायुक्त के साथ उनकी पत्नी डॉ. प्रतिमा, डीडीसी शताब्दी मजूमदार व अन्य पदाधिकारियों ने नवजात बेटियों के अभिभावकों को बधाई व उपहार देकर की। बेटी के जन्म की खुशी को साझा करते हुए पदाधिकारियों ने अभिभावकों को मिठाई खिलाया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जैसे कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का ही एक माध्यम है। यह आवश्यक है कि अभिभावक अपनी बेटियों को आगे बढ़ने की पूरी आजादी दें और उनको प्रोत्साहित करें। कहा कि बेटी के जन्म को बोझ नहीं, सौभाग्य समझें। अब समय आ गया है कि अपने मानसिकता में बदलाव लाएं और बेटियों के जन्म को खुशी से मनाएं। जब तक समाज में मानसिक स्तर पर बेटियों को समानता का भाव नहीं आएगा, तब तक असल बदलाव संभव नहीं होगा। इस दौरान प्रसव के बाद की आवश्यक मेडिकल किट और बच्चों से संबंधित किट प्रदान की गई। धीमी ताल पर पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन बजाई गई। जिससे अस्पताल परिसर में एक खुशनुमा, पारिवारिक उत्सव का माहौल बन गया। अभिभावकों के चेहरे पर खुशी से झलक रहा था। इस अवसर पर उपस्थित उपायुक्त की पत्नी डॉ. प्रतिमा ने कहा कि अब वक्त है अपने माइंडसेट को बदलने का। बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं होना चाहिए। दोनों को समान शिक्षा, संरक्षण और स्नेह मिलना चाहिए। डीडीसी ने कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है, जब बेटा और बेटी दोनों को बराबरी का मौका मिले। समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता ने कहा कि बधाई हो बेटी हुई है, कार्यक्रम शहरी व ग्रामीण स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एनपी सिंह, जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. सेलिना टुडू, जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश सिंह आदि थे।


