अंता उपचुनाव में भाजपा की हार को लेकर वहां प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि हार के लिए पार्टी के तीन विधायक और स्थानीय संगठन पदाधिकारी जिम्मेदार हैं। बारां जिला अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवाल को भेजी रिपोर्ट की प्रति पीएम, सीएम भजनलाल शर्मा, राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजी है। गौरतलब है कि उपचुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने मोरपाल को 15 हजार से अधिक वोटों से हराया था।
दो पेज की रिपोर्ट में उन्होंने हार का सबसे बड़ा कारण देरी से टिकट की घोषणा को बताया है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा भीतरघात हुआ। हाड़ौती के एक मंत्री के व्यवसायी पार्टनर पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि उन्होंने बाकायदा विरोधी प्रत्याशी के समर्थन में पैसे बांटने का काम किया। इसकी जानकारी जिलाध्यक्ष को पहले भी दी गई थी। जिले के तीनों विधायक प्रतापसिंह सिंघवी, ललित मीणा व राधेश्याम बैरवा ने भी पार्टी को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हराने का काम किया। इसके अलावा पूर्व जिला अध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी, प्रधान प्रखर, चेयरमैन व उपप्रधान बारां, पूर्व अध्यक्ष व उनकी टीम ने विरोधी को जिताने में मदद की।


