भास्कर न्यूज | सरायकेला सावन के पावन महीने की चौथी और अंतिम सोमवारी पर शिव भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। सोमवार को सुबह से ही शिव भक्त स्थानीय शिवालयों में पहुंचना प्रारंभ कर दिए। इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर और पूजा व अर्चना कर शिव भक्तों ने मंगल कामना की। इसके तहत सरायकेला के कुदरसाई स्थित प्रसिद्ध बाबा बुद्धेश्वर शिव मंदिर, माजना घाट स्थित बाबा सिद्धेश्वर पंचमुखी महादेव मंदिर, डेली मार्केट स्थित प्राचीन शिवालय, गेस्ट हाउस स्थित प्रसिद्ध बाबा शिव मंदिर, भुरकुली ग्राम स्थित बाबा विश्वनाथ शिव मंदिर, मानिक बाजार गांव स्थित बाबा महाकालेश्वर शिव मंदिर, विजय तरण ग्राम स्थित प्राचीन शिवालय एवं सीनी स्थित शिवालयों सहित अन्य सभी शिवालयों में पहुंच कर शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की। भक्तों ने उपवास व्रत रखते हुए भगवान भोलेनाथ से कल्याण की कामना की। कांवरियों ने नृत्य करते हुए 10 किलोमीटर की कांवर यात्रा की अंतिम सोमवारी के अवसर पर सरायकेला प्रखंड के गोविंदपुर गांव के शिव भक्तों ने भव्य कांवड़ यात्रा की। परंपरागत गेरुआ वस्त्र धारण कर दर्जनों की संख्या में गोविंदपुर गांव के कांवरियों ने संजय नदी तट स्थित शक्तिपीठ माता ठाकुरानी दरोह से कांवर में जल लेकर कांवर यात्रा प्रारंभ की। कांवड़ यात्रा में प्रमुख आकर्षण शिवलिंग का प्रतिरूप रहा। जिसे लेकर शिव भक्त कांवड़ यात्रा करते हुए चले। इस दौरान बोल बम और भगवान भोलेनाथ के मनोहारी संगीत की धुन पर बोल बम एवं हर हर महादेव के जयकारे करते हुए नृत्य करते हुए तकरीबन 10 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा कर कुदरसाई स्थित बाबा बुद्धेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। जलाभिषेक कर भगवान शिव से मंगल प्रार्थना किए। कांवड़ यात्रा में गोविंदपुर गांव के शिव भक्त राजन मुर्मू, हेमंत मंडल, गुड्डू पति, सहदेव नायक, सुशांत मुखी, जितेन मंडल, जगन्नाथ बारिक, वासुदेव नायक, मुकेश दास, समय मुर्मू सहित दर्जनों की संख्या में बच्चे, महिला व पुरुष शिव भक्त शामिल रहे। अंतिम सोमवारी के अवसर पर कुदरसाई स्थित बाबा बुद्धेश्वर शिव मंदिर प्रांगण में भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।


