अंबाला में बार एसोसिएशन के एडवोकेट संजीव मोहन लिब्रहान प्रकरण में आज फिर से वर्क सस्पेंड रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही एडवोकेट इस मामले मामले में हरियाणा और पंजाब में वर्क सस्पेंड करने पर विचार भी कर रहे हैं। दरअसल, अभी बार एसोसिएशन के सदस्यों और की पुलिस से वार्ता न हो पाने के कारण समाधान नहीं निकल सका है। इस मामले में बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अब हरियाणा और पंजाब में न्यायिक कार्य बंद रखने के पर विचार कर रहे हैं। इसको लेकर वीरवार को अधिवक्ताओं के बीच चर्चा भी हुई। अगर ऐसा हुआ तो पुलिस पर भारी दबाव आ सकता है। सभी एडवोकेट ने वीरवार को भी न्यायिक कार्य बंद रखा। आज भी हो सकता है वर्क सस्पेंड वहीं, इस मामले में पूर्व बार अध्यक्ष रोहित जैन ने बताया कि जिस तरह से यह कार्रवाई हुई है, यह सभी एडवोकेट से धक्का किया है। हमारी कार्यशैली पर इससे वार किया गया है। इसलिए जब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक हम कोर्ट के कार्य को प्रभावित रखेंगे। जिससे हम वकीलों को भी न्याय मिल सके। वार्ता नहीं होने के चलते नहीं निकला हल इस मामले में उम्मीद थी कि पुलिस और एडवोकेट के बीच वार्ता होगी और कोई हल निकल जाएगा। मगर वार्ता नहीं हो सकी और एडवोकेट का मुद्दा अपने स्थान पर ही अटका हुआ है। एडवोकेट्स के काम न करने से पक्षकारों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अधिकांश लंबित मामलों में बहस न होने के कारण केस यथा स्थिति में बने हैं या उन्हें सुनवाई के लिए लंबी तारीखें मिल रही हैं। 5500 से अधिक मामले लंबित, चैंबर्स खाली एडवोकेट्स के काम बंद होने से अंबाला में लगभग 5500 मामले लंबित हो गए हैं। कोर्ट परिसर के पास बने सभी एडवोकेट के चैंबर्स भी खाली नजर आ रहे थे। जिस प्रकार से लोगों की चहलकदमी कोर्ट परिसर में रहती थी वही भी अभी दिखाई नहीं दी। जमानत पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जेल में भी बंदियों से एडवोकेट नहीं मिल पा रहे हैं।


