धौलपुर में शुक्रवार को कचहरी परिसर स्थित लॉ चेंबर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। बार एसोसिएशन धौलपुर के अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने बाबासाहेब के आदर्शों और बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। अधिवक्ता गिरीश गुर्जर ने बताया कि 6 दिसंबर को देश संविधान के शिल्पकार डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि को ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ के रूप में मनाता है। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के दौर में थे। गुर्जर ने डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध नारे “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के भविष्य की दिशा है। अधिवक्ता महेश कन्ना ने इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य बाबासाहेब के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही, समाज में समानता और न्याय के उनके आदर्शों को मजबूत बनाना भी इसका लक्ष्य है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार शर्मा, वीरेंद्र त्यागी, महेश कन्ना, सुरेश वर्मा, रामू दुबे, प्रशांत बघेल, धीरेन्द्र कुशवाह, अर्जुन कुशवाह, सारांश अग्रवाल, अन्नू मीणा और सुनील जगरिया सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे। सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


