अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के आह्वान पर केंद्र सरकार की जन-विरोधी नीतियों और ‘वोट के अपमान’ के विरोध में आयोजित होने वाली ‘वोट चोर-गद्दी छोड़: महारैली’ को सफल बनाने के लिए झुंझुनूं कांग्रेस कमेटी ने कमर कस ली है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, नवनियुक्त जिलाध्यक्ष और मंडावा विधायक रीटा चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस महारैली में जिले से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया। जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक संदेश बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने कहा कि यह रैली केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा, जनता के वोट के सम्मान और भाजपा सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ एक निर्णायक संदेश है। विधायक चौधरी ने कहा, “आज भाजपा सरकार जनादेश को दबाने और जनता के वोट के अधिकार से खिलवाड़ करने में लगी है, जो देश के लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। भाजपा भले ही जनादेश को दबाने की कोशिश करे, लेकिन वह जनता की आवाज़ को नहीं दबा सकती।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि एक तरफ राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो’ का नारा बुलंद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सरकार ‘भारत तोड़ो’ की सोच से काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता दिल्ली पहुँचकर इस रैली को ऐतिहासिक बनाएंगे। इस मौके पर मंडावा विधानसभा प्रभारी भारत यादव, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकुन्तला यादव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़, सेवादल जिलाध्यक्ष हारून लालपुर सहित अन्य प्रकोष्ठों के प्रमुख पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहे। बैठक में पीसीसी सदस्य सलीम सिगड़ी, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सज्जन मिश्रा और दिनेश सुंडा, मंडावा प्रधान शारदा देवठीया, चेयरमेन नरेश सोनी समेत सभी ब्लॉक अध्यक्ष अज़मत अली, सुमेर महला, बलदेव सैनी, सुरेश मेघवाल, बी एल सैनी, विनोद काजला, एड. संजय सैनी, महावीर यादव, बलराम, रामावतार सैनी और मंडल अध्यक्षों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, सरपंच संघ अध्यक्ष ओमप्रकाश मील सहित सैंकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


