बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सोमवार को देवास में जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में था। ज्ञापन में ग्वालियर के एक एडवोकेट पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। लाइव प्रोग्राम में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग बसपा नेताओं ने बताया कि ग्वालियर में एक लाइव कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंबेडकर के संबंध में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। जो कुलदीप धनवई की आईडी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, इससे देशभर के अंबेडकरवादी एवं संविधान प्रेमी नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग बसपा जिलाध्यक्ष दरयाव सिंह मालवीय के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में राष्ट्रपति से उनके हस्तक्षेप की अपील की गई है। पार्टी ने मांग की है कि संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई अमर्यादित एवं भड़काऊ टिप्पणी के लिए संबंधित एडवोकेट के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माता, भारत रत्न, स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री और करोड़ों दलित, पिछड़े, गरीब, महिला तथा वंचित समाज के मसीहा हैं। उनके विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग राष्ट्रविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। देशद्रोह और एससी-एसटी एक्ट की धारा दर्ज हो बसपा ने मांग की है कि एडवोकेट के खिलाफ देशद्रोह, एससी-एसटी एक्ट एवं आईटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी व्यक्ति पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो बसपा आंदोलन करने पर विवश होगी। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


