भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले के नगरीय निकायों में गंदे पानी की समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। जांजगीर और नवागढ़ के बाद अब अकलतरा नगर में भी घरों से निकलने वाला सीवेज सीधे नालों में नहीं बहाया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। जांजगीर जिले के तीनों नगरीय निकायों में इस परियोजना पर कुल 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर जारी कर दिया गया है। अकलतरा नगर पालिका क्षेत्र में परियोजना पर लगभग 5 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत आएगी। एसटीपी का उद्देश्य नगर पंचायत के 25 वार्डों से निकलने वाले गंदे पानी का शुद्धिकरण करना है। शुद्धिकरण के बाद पानी को सुरक्षित रूप से छोड़ा जाएगा। इससे जल स्रोतों की गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी। तीनों नगरों में गंदे पानी के शोधन के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्र स्थापित किया जाएगा। आबादी बढ़ने से सीवेज की मात्रा में वृद्धि हो रही है, इसलिए एसटीपी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। परियोजना के लिए टेंडर जारी हो चुका है। अनुभवी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी। निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य है। कार्य पूरा करने की समय सीमा 18 माह है। ठेका कंपनी को 5 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। अभी सीधे नालों में बहाया जा रहा दूषित पानी अकलतरा नगर बनने के बाद यहां जनसंख्या बढ़ रही है। लंबे समय से गंदे पानी की निकासी बड़ी समस्या है। घरों से निकलने वाला सीवेज सीधे नालों में बहाया जा रहा है, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं और आसपास के इलाकों में बदबू व बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव करना होगा जांजगीर में भी 8 करोड़ रुपए से बनेगा प्लांट जांजगीर-नैला में लंबे समय से गंदे पानी की निकासी बड़ी समस्या रही है। नगर पालिका को समस्या की गंभीरता को देखते हुए 8 करोड़ रुपए से एसटीपी बनाने की मंजूरी मिली। प्लांट तीन जोन में बनेगा। पहला जोन वार्ड 10 में होगा जिसकी क्षमता 3.0 एमएलडी होगी। दूसरा जोन वार्ड 18 में होगा जिसकी क्षमता 1 एमएलडी होगी। तीसरा जोन वार्ड 25 में होगा जिसकी क्षमता 0.5 एमएलडी होगी। नगर पंचायत नवागढ़ परियोजना पर लगभग 2 करोड़ रुपए खर्च होंगे।


