भास्कर न्यूज | अमृतसर सनातन धर्म का महत्वपूर्ण पर्व अक्षय तृतीया इस वर्ष 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस युगादि पर्व पर जप, तप, दान और पूजा करने से अक्षय पुण्यफल की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया का आगमन 29 अप्रैल को शाम 5:29 बजे होगा और यह 30 अप्रैल की दोपहर 2:12 बजे तक रहेगी। इस पावन अवसर पर उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ दुर्ग्याणा मंदिर में विशेष आयोजन होगा। मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि 30 अप्रैल की सुबह भगवान को चंदन लेप किया जाएगा। गर्मी से राहत दिलाने के लिए भगवान को खीरा, खरबूजा, शरदाई और ठंडाई जैसी शीतल चीजों का भोग लगाया जाएगा। जिसमें खीरा, खरबूजा, शरदाई समेत अन्य ठंडी चीजें शामिल होंगी। अक्षय तृतीया के दिन पंडितों को दान दक्षिणा देना शुभ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया का काफी महत्त्व होता है। इस दिन पंडितों को दान दक्षिणा देना शुभ माना जाता है। भक्तों को मानना है जिस तरह मनुष्य को गर्मी और सर्दी लगती है। उसी तरह भगवान को भी गर्मी और सर्दी लगती है। भगवान को गर्मी से बचाने के लिए मंदिरों में एसी पंखे चलाए जाते हैं। भगवान के शरीर को लू से बचाने को शरीर पर ठंडे चंदन से लेप किया जाता है। इसी तरह शिवाला बाग भाइयां मंदिर ट्रस्टियों की अध्यक्षता में भगवान को चंदन लेप करके ठंडे व्यजनों को भोग लगाया जाएगा। जबकि श्री श्री गौर राधा कृष्ण इस्कॉन मंदिर में भी भगवान को चंदन लेप किया जाएगा।


