बालोद जिले में अक्षय तृतीया के आगामी पर्व को देखते हुए प्रशासन ने बाल विवाह रोकने की कवायद तेज कर दी है। इस दिन सैकड़ों विवाह होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने इस चुनौती से निपटने के लिए विशेष टीम का गठन किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही सचिवों को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। सरपंच और सचिवों को पत्र भेजकर निर्देश दिए गए हैं। वे विवाह से पहले दूल्हा-दुल्हन की उम्र का सत्यापन करेंगे। इसकी जानकारी विभाग को भेजी जाएगी। गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त के कारण गांवों में सबसे ज्यादा शादियां होती हैं। विभाग ने प्रभावी सूचना तंत्र विकसित किया है, जिससे बाल विवाह रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कितने लोग इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक हो रहे हैं।


