अखिलेश लेखपाल के घरवालों से मिले, 2 लाख दिए:बोले- फतेहपुर SDM ने सुधीर को अपमानित किया, नौकरी से निकाले जाएं

सपा प्रमुख अखिलेश यादव शुक्रवार शाम फतेहपुर पहुंचे। यहां शादी से एक दिन पहले सुसाइड करने वाले लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से मिले। गाड़ी से उतरकर अखिलेश सीधे सुधीर के घर के अंदर चले गए। उनके साथ फतेहपुर सांसद नरेश उत्तम भी मौजूद रगे। अखिलेश ने सुधीर की बहन अमृता सिंह और मां राजकुमारी से पूरी घटना के बारे में बात की। परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी। अखिलेश ने परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से भी बात की। कहा- SIR के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किसी से छिपा नहीं है। सुधीर कुमार पासी की शादी 26 नवंबर को होनी थी। इससे पहले एसडीएम संजय कुमार सक्सेना ने मीटिंग में उन्हें अपमानित किया। बाद में बर्खास्त कर दिया। सुधीर की बहन अमृता ने बताया कि शादी से एक दिन पहले सुबह कानूनगो घर आए थे। उन्होंने काम करने का दबाव बनाया, जिससे परेशान होकर सुधीर ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। अमृता देवी ने कहा- अखिलेश यादव ने हमसे मुलाकात की। हरसंभव मदद का भरोसा दिया। 2 लाख रुपए की मदद की है। लोकसभा में भी मुद्दा उठाने की बात कही है। उन्होंने हमारी पूरी बात सुनी। जिला प्रशासन ने 8 लाख रुपए मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक हमें कोई मदद नहीं मिली। अखिलेश यादव ने कहा- हमारी मांग है कि दोषी अधिकारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर उसे बर्खास्त किया जाए। इस मुद्दे को सदन में भी उठाया जाएगा। फतेहपुर के बाद अखिलेश कानपुर देहात भी गए। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ वाले बयान पर पलटवार किया। कहा- यह बात वह कह रहे, जो खुद माफिया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी मुख्यमंत्री ने अपने केस वापस नहीं लिए, जबकि यह तथ्य एक मैगजीन में भी प्रकाशित हो चुका है। भाजपा को उन्होंने ‘एनकाउंटर माफिया’ बताया। पढ़िए अखिलेश की कही बड़ी बातें 1- योगी आदित्यनाथ झूठ का सहारा लेते हैं
अखिलेश ने कहा- योगी आदित्यनाथ ‘सनातन’ की बात करते हैं, लेकिन सहारा झूठ का लेते हैं। उन्होंने सवाल किया कि IPS और SDM क्यों बनते हैं- लोगों की सेवा करने या सत्ता का दुरुपयोग करने के लिए? दलित उत्पीड़न के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा अत्याचार दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर ही हुए। 2- लोकसभा के बाहर-अंदर हो रहा SIR का विरोध
SIR को लेकर अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश, खासकर पूरा विपक्ष लोकसभा के बाहर और अंदर विरोध दर्ज कर रहा है। विपक्ष इलेक्शन कमीशन से मिलने जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उन्हें इजाजत नहीं दी। अब SIR का डेटा सार्वजनिक हो गया है। 3- असली उद्देश्य ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनने से रोकना
पश्चिम बंगाल में झूठा प्रचार किया जा रहा कि बाहर के लोग आ गए हैं, इसलिए SIR करना पड़ा। जबकि, इसका असली उद्देश्य ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री बनने से रोकना है। अखिलेश ने कहा कि यूपी ऐसा प्रदेश है, जहां सबसे ज्यादा मतदाता हैं। फिर इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही? अधिकारियों पर दबाव क्यों डाला जा रहा कि वे गांव-गांव जाकर तेजी से वोट बनवाएं? उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन ने भाजपा के साथ मिलकर ऐसी तारीखें चुनी हैं, जब त्योहार और शादियां ज्यादा होती हैं। जिससे लोग व्यस्त रहें और विपक्ष का वोट कट जाएं। यह उनकी रणनीति है- PDA वोट को कमजोर करना। 4- जान गंवाने वाले BLO के परिवार को नौकरी और 1 करोड़ रुपए मिलें
अखिलेश ने कहा- SIR की वजह से जिन भी बीएलओ की मौत हुई है, उनके परिवारों को एक सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही उन परिवारों को सभी सरकारी योजनाओं का फायदा भी दिया जाना चाहिए। 5- हमारी रणनीति है कि सरकार को बेनकाब किया जाए
अखिलेश ने कहा- लोकतंत्र बचाने के लिए अपना वोट बनवाएं और भाजपा को हटाएं। हमारी रणनीति है, सरकार को बेनकाब किया जाए। कहा- बिहार में तेजस्वी यादव हारे नहीं, उन्हें हराया गया। पॉपुलर वोट उनके पास था। यूपी में तो ऐसी स्थिति रही कि वोट डालने गए लोगों पर रिवॉल्वर तक तान दी गई। इसलिए वहां CCTV लगाए जाते हैं। 6- इलेक्शन कमीशन निष्पक्ष होकर काम करे
अखिलेश ने आगे कहा- सरकार और इलेक्शन कमीशन का लक्ष्य होना चाहिए कि लोगों का वोट आसानी से बने। किसी का वोट न कटे और सभी को वोट डालने का मौका मिले। इलेक्शन कमीशन को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। वोटर लिस्ट भी निष्पक्ष तरीके से बननी चाहिए। यह काम बहुत सावधानी और सहूलियत के साथ होना चाहिए। 7- चुनाव परिणाम बदलने की साजिश कर रही भाजपा
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार साजिशें कर रही है कि चुनाव परिणाम कैसे बदले जाएं? बिहार में इसका परीक्षण किया गया। SIR का डेटा भी दिखाता है कि जहां-जहां वोट कम पड़े, वहां विपक्ष हार गया। भाजपा ने उन बूथों को पहचान कर वहां वोट कटवाए। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिया” का नारा दिया गया, लेकिन बिहार में कहां घुसपैठिए मिले? असली लक्ष्य तो पश्चिम बंगाल है। अब जानिए पूरा मामला… कानूनगो घर आए और लेखपाल को डांटने लगे
फतेहपुर के खुजहा कस्बा में रहने वाले लेखपाल सुधीर कुमार की 26 नवंबर को बारात जानी थी। 24 नवंबर को ही घर में शादी की रस्में हल्दी-मेहंदी शुरू हो चुकी थीं। इसके चलते लेखपाल सुधीर कुमार 24 नवंबर को ड्यूटी पर नहीं गए थे। परिवार के मुताबिक, 25 नवंबर की सुबह कानूनगो घर आए और सुधीर को डांटने लगे। इसके बाद सुधीर कमरे में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। परिवारवालों ने दरवाजा तोड़ा तो लटका मिला शव
बहन ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक आवाज नहीं आई, तो परिवारवालों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर देखा तो सुधीर फंदे से लटके थे। बेटे की लाश देखकर मां बेहोश हो गई। जैसे-तैसे रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। लेखपाल के सुसाइड की खबर मिलते ही उनके साथी घर पहुंच गए। इसके बाद लेखपाल संघ ने सुधीर के घर के बाहर धरना दिया था। 2 साल पहले नौकरी, 6 महीने पहले तय हुई शादी
सुधीर के परिवार में मां रामकुमारी, भाई जंगबहादुर, भाभी और बहन रोशनी हैं। पिता की मौत हो चुकी है। भाई-बहन की शादी हो चुकी है। रिश्तेदारों ने बताया- सुधीर 2 साल पहले लेखपाल बने थे। 6 महीने पहले उनकी शादी पास के गांव सीतापुर में रहने वाले रघुनंदन की बेटी काजल से तय हुई थी। 8 जून, 2025 को जहानाबाद के पटेल गेस्ट हाउस में इंगेजमेंट हुई थी। 26 नवंबर को घर से 4 किलोमीटर दूर सीतापुर में बारात जाने वाली थी। लेकिन, शादी के एक दिन पहले ही सुधीर अपने कमरे में फंदे से लटक गए। —————————- ये खबर भी पढ़िए… इटावा में मृदुल तिवारी 12 मिनट में गुस्साकर वापस लौटे: बिग बॉस फेम के कार्यक्रम में भीड़ बेकाबू; बैरिकेडिंग, स्टेज और कुर्सियां तोड़ीं बिग बॉस फेम यूट्यूबर मृदुल तिवारी शो से निकले के बाद पहली बार अपने पैतृक शहर इटावा पहुंचे। उन्हें देखने को हजारों फैंस की भीड़ जुटी। जगह-जगह फूल माला से स्वागत हुआ। इस दौरान फैंस बेकाबू हो गए। सेल्फी लेने की होड़ में फैंस ने स्टेज के पास ही कुर्सियां तोड़ डालीं। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने लगे। भीड़ के सामने पुलिस भी बेबस नजर आई। आखिरकार महज 12 मिनट रुकने के बाद मृदुल तिवारी गुस्से में आकर कार्यक्रम पूरा किए बिना ही लौट गए। पुलिस का कहना है कि रोड शो में कारों और बाइकों से स्टंटबाजी की गई। अनुमानित भीड़ की भी जानकारी नहीं दी गई थी। पूरी खबर पढ़िए… 0

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